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सपनों के टूटने से बिखरे नहीं, निरन्तर वहीँ काम करे जिससे खुद को ख़ुशी मिले

कोमल मिश्रा

जब खुद के देखें हुए सपनों को ऐसे गला घुटने लगे ,तो किसको अच्छा लगेगा। यहीं एक परेशानी से वजह से लोग जिंदगी जीते जीते मौत का रास्ता चुन लेते है। जिंदगी कई प्रकार की समस्या आती है मान लिया और यह भी सच है कि हर समस्या का समाधान भी होता है।
 
लेकिन व्यक्ति का जीवन इच्छाओं से भरपूर होता है, इसलिए जब इंसान का जन्म मिला है तो हर व्यक्ति कुछ ना कुछ अच्छा करना चाहता है , यहीं एक ख्वाहिश सोचने पर मजबूर कर देती है कि कुछ करना है और जरुरी नहीं है कि हर किसी के जीने का तरिका एक जैसा हो और खुशी होने की वजह भी एक जैसी हो । हर इंसान की प्राथमिकताएं अलग-अलग होती है।
 
जब अपने खुद के हाथों कि पांच उंगलियां एक जैसी नहीं है तो किसी दूसरे इंसान से कैसे उम्मीद कर सकते है कि हमारी सोच मिल सकती है और हर वक्त एक दूसरे कि हां में हां बोल सकते है। यह सच है रोटी कपड़ा और मकान एक अच्छा जीवन जीने के लिए बहुत जरुरी है और इस दुनिया कई ऐसे लोग भी है जिनके पास यह सब भी नहीं है , लेकिन क्या जिनके पास यह तीन चीजें है वह खुश है उन्हें कुछ करने की आवश्यकता नहीं है। इंसान का जीवन बस इसलिए ही होता है कि वह अच्छे घर में रहें और दो वक्त का खाना खाएं । माना कुछ लोगों को यहीं चाहिए और वह इसमें बहुत खुश रहते है
लेकिन हर इंसान एक जैसा नहीं होता , कुछ लोगों की खुशी गाना गाने में , खेलने में घुमने में अपना काम करने में , और ना जानें किन छोटी-छोटी चीजों में मिलती है। और जीवन में खुश रहना ही सब कुछ है। इसलिए कभी भी अपनी खुशी मिलने वाली वजह को खत्म ना करें निरंतर उसे करते रहैं जिससे आपको अपना जीवन बोझ ना लगें...

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