मुंबई: हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित थ्रिलर फ्रेंचाइजी में शुमार ‘दृश्यम’ अब अपने अंतिम अध्याय ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ के साथ दर्शकों के सामने आने को तैयार है। अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर के किरदार में लौट रहे हैं, और इस बार उनके सामने हैं जयदीप अहलावत, जो अपराध शाखा के अधिकारी राजवीर सिंह तोमर की भूमिका निभा रहे हैं। विजय की गढ़ी हुई कहानी और राजवीर की सच्चाई तक पहुंचने की ज़िद के बीच का टकराव फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है।

‘आक्रोश’ से ‘दृश्यम’ तक: एक चक्र का पूरा होना

जयदीप के लिए यह फिल्म निजी तौर पर भी खास है। वह कई वर्षों बाद अजय देवगन के साथ काम कर रहे हैं; दोनों इससे पहले ‘आक्रोश’ में साथ नज़र आए थे। इस सफर को याद करते हुए जयदीप ने कहा कि यह उनके लिए एक चक्र के पूरा होने जैसा है। उन्होंने कहा, “मैं इसे सिर्फ बीते वर्षों की संख्या के रूप में नहीं देखता। मैं उस व्यक्ति के बारे में सोचता हूं जो ‘आक्रोश’ के समय था और उस व्यक्ति के बारे में जो मैं आज हूं। असली दूरी वहीं है।”

यह बयान जयदीप के करियर ग्राफ को बखूबी समेटता है। सहायक भूमिकाओं से शुरुआत करने वाले इस अभिनेता ने पिछले कुछ वर्षों में ओटीटी और बड़े पर्दे दोनों पर अपनी गहरी, संजीदा अदाकारी से अलग पहचान बनाई है। ऐसे में ‘दृश्यम’ जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी में अजय देवगन के आमने-सामने खड़ा होना उनकी इसी यात्रा का स्वाभाविक पड़ाव लगता है। जयदीप ने अजय के संयमित अभिनय और दृश्य व किरदार पर उनके भरोसे की भी खुलकर तारीफ की।

विजय बनाम राजवीर: क्यों खास है यह टकराव

‘दृश्यम’ की ताकत हमेशा उसके विरोधी किरदार रहे हैं, जो विजय की कहानी में दरार ढूंढने की कोशिश करते हैं। तब्बू की आईजी मीरा देशमुख के बाद अब यह ज़िम्मेदारी राजवीर सिंह तोमर पर है। गोवा में हुए ट्रेलर लॉन्च के दौरान सामने आया कि जयदीप अहलावत एसपी क्राइम ब्रांच अधिकारी राजवीर सिंह तोमर के रूप में विजय के सामने नई चुनौती बनेंगे, जबकि तब्बू आईजी मीरा देशमुख और श्रिया सरन नंदिनी के किरदार में लौट रही हैं। अजय के ठहराव भरे अभिनय और जयदीप की तीखी, भीतर तक उतरने वाली शैली का मेल दर्शकों के लिए एक दिलचस्प मनोवैज्ञानिक द्वंद्व रच सकता है।

2 अक्टूबर: तारीख ही कहानी है

अभिषेक पाठक निर्देशित यह फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फ्रेंचाइजी के प्रशंसकों के लिए यह तारीख सिर्फ रिलीज डेट नहीं है। ‘दृश्यम’ की दुनिया में यह तारीख पहली फिल्म में विजय के मूल एलिबाई की रीढ़ रही है और पूरी सीरीज़ में बार-बार कहानी का अहम मोड़ बनती रही है। यानी फिनाले उसी दिन आ रहा है, जहां से विजय सालगांवकर की किंवदंती शुरू हुई थी।

दर्शकों की उम्मीदें और बॉक्स ऑफिस

हिंदी ‘दृश्यम’ का सफर 2015 में शुरू हुआ था और यह मोहनलाल की मलयालम फिल्म का रीमेक थी। दिलचस्प है कि इस बार अजय देवगन ने कहा है कि हिंदी फिल्म ने मलयालम फ्रेंचाइजी से अलग राह पकड़ी है और इसकी कहानी पूरी तरह भिन्न है। इसका मतलब है कि मलयालम संस्करण देख चुके दर्शकों के लिए भी सस्पेंस बरकरार रहेगा। गांधी जयंती की छुट्टी वाली रिलीज़ फिल्म को मज़बूत ओपनिंग दिला सकती है।