क्या एग की क्वालिटी अच्छी होने पर प्रेगनेंसी की संभावना बढ़ जाती है - डॉ चंचल शर्मा



सक्सेस प्रेगनेंसी के लिए एग क्वालिटी बेहतर होना बहुत ही जरुरी होता है। ऐसी में प्रेगनेंसी के चांस बहुत ज्यादा बढ़ जाते है। ऐसी में हर महिला के मन में सवाल उठने लगते है । कि महिलाओं को कैसे पता चलेगा कि उनके एग क्वालिटी वाले है या नही। ऐसे बहुत सारे कारक तत्व है । जो महिलाओं की एग क्वालिटी को प्रभावित करते है। जिसमें से महिला की डाइट और लाइफ स्टाइल प्रमुख कारकों में से एक है। 
किसी भी महिला के अच्छी प्रजनन क्षमता प्रकृति से जुड़े कारको जैसे कि - हार्मोन, स्ट्रेस फैक्टर, अच्छी माहवारी, हेल्दी ब्लड सर्कुलेशन एवं डाइट पर निर्भर होती है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा के अनुसार महिलाएं अपनी जीवनशैली और डाइट में अच्छी सुधार करके एग क्वालिटी में बेहतर सुधार कर सकती है। और प्रेगनेंसी की संभावना के बढ़ा सकती है। 

एग क्वालिटी क्यों है जरुरी ?
महिलाओं में हर माहवारी के दौरान तैयार होने वाले स्वस्थ अंडे प्रजनन क्षमता की बेसिक जरुरत होते है। एग क्वालिटी के आधार पर ही फर्टिलाइजेशन की पूरी प्रकिया निर्भर होती है। और साथ में भ्रूण का प्रत्यारोपण भी इसी के हिसाब से पूर्ण होता है। अक्सर महिलाएं प्रजनन आयु के दौरान अंडो को रिलीज करती हैं। और हेल्दी स्पर्म के साथ फर्टिलाइज होकर आसानी से भ्रूण का निर्माण हो जाता है। इसलिए एग क्वालिटी का बेहतर होना जरुरी होता है।  

एग क्वालिटी में सुधार करने के लिए कैसे होनी चाहिए डाइट ?
यदि आप प्रेगनेंसी प्लानिंग कर रहीं हैं । तो आपको आपनी डाइट पर सबसे ज्यादा देने की आवशकता होती है। क्योंकि बैलेंस और हेल्दी डाइट से आपकी प्रजनन क्षमता में बेहतर सुधार होता है। आयुर्वेद में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ बताएं गये है। जिसके सेवन से आप अपनी एग क्वालिटी में सुधार से साथ प्रजनन क्षमता को मजबूत कर सकती है। 

दालें एवं बींस - प्रेगनेंसी के दौरान और प्रेगनेंसी के पहले हर महिला को सबसे ज्यादा आयरन की जरुरत होती है। क्योंकि यदि आपके शरीर में आयरन की कमी होती है । तो ऐसे में आपको ओवुलेशन में समस्या आयेगी। इसलिए ओवुलेशन के लिए आयरन सबसे ज्यादा आवश्यक है। बींस एवं दालों में सबसे ज्यादा विटामिन, आयरन और अन्य मिनिरल पर्याप्त मात्रा में होते है। जो अंडे की क्वालिटी में सुधार करने के लिए बहुत जरुरी हैं। अपनी डाइट में रोजाना दालें एवं बींस को शामिल करके एग क्वालिटी में सुधार करें। 

हरी सब्जियां - हरी सब्जियों में आयरन, मैंगनीशियम, कैल्शियम, फोलेट एवं विटामिन पाया जाते हैं। हर दिन अपनी डाइट में अधिक से अधिक हरी सब्जियों को जगह दें। 
तिल - तिल एक ऐसा खाद्य पदार्थ है। जिसमें पर्याप्त मात्रा में जिंक मौजूद होता है। यह एग क्वालिटी के लिए सबसे अच्छा खाद्य पदार्थ माना जाता है। तिल से सीड्स में मोनोसेचुरेटेड फैट होता है। जो अंडो की बेहतरी के लिए अच्छा होता है। 

बेरीज - बेरीज ऐसे फल होते है। जिनमें अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट की गुण पाये जाते है। बेरीज के अंतर्गत आने वाले फल जैसे - जामुन, शहतूत, बेर इत्यादि एग को फ्री रेडिकल्स से सुरक्षा प्रदान करते है। इनका सेवन आप सलाद या फिर अन्य किसी माध्यम से सेवन कर सकती हैं। 

अदरक - अदरक एक आयुर्वेदिक औषधि है। जो हर भारतीय
घर में बड़ी ही आसानी के साथ मिल जाती है। इसका सेवन करना भी बहुत ही आसान होता है। अदरक में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाये जाते है। जो रक्त संचरण के लिए सबसे अच्छा होता है। अदरक हेल्दी डाइजेस्ट में मदद करता है। अदरक के सेवन से रिप्रोडक्टिव सिस्टम में सुधार होता है और माहवारी को नियमित करता है।  

प्रेगनेंसी प्लान करने से पहले एग क्वालिटी में सुधार करने के अन्य तरीके - 
यदि आप एग क्वालिटी को लेकर परेशान है। और एग क्वालिटी को बेहतर करना चाहिती हैं। तो आपको अपनी कुछ आदतों में बदलाव करना पडेगा। 
सिगरेट, शराब एवं कैफीन से दूरी बना लें - धूम्रपान संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। धूम्रपान महिला एवं पुरुष दोनों में से किसी के लिए अच्छा नही होता है। यदि महिलाएं सिगरेट का सेवन करती है। तो इससे उनका अंडाशय प्रभावित होता और एग क्वालिटी प्रभावित होती है। शराब आपकी प्रेगनेंसी प्लानिंग की संभावना को कम कर सकती है। इसलिए शराब का सेवन न करें। 

तनाव को अपने जीवन में न आने दें - तनाव आपकी प्रेगनेंसी को खराब कर सकता है। तनाव एक ऐसा फेक्टर है जिसकी वजह से कोर्टिसोल एवं प्रोलेक्टिन हार्मोन के स्तर में वृद्धि होती है। जो ओवुलेशन की प्रक्रिया में परेशानी का कारण बनता है। एवं एग रिलीज में भी बहुत  सारी समस्याएं पैदा करता है। तनाव से बचने के लिए आप हमेेशा योग एवं व्यायाम करें। सकारात्मक विचारों को अपने जीवन में प्रमुखता से जगह दें। अपनी लाइफ में कुछ ऐसी एक्टिविटी जैसे घूमना, फिरना , तैराकी करना , अच्छे लोगों से साथ बात करने का प्रयार करें। इससे आपका नजारिया सकारात्मक होगा। 

सामान्य बॉडी  मास इडेक्स का ध्यान ऱखें - प्रेगनेंसी की प्लान करने से पहले अपने वजन पर नियंत्रण करना भी बहुत जरुरी होता है। शरीर का बहुत कम वजन एवं बहुत अधिक वजन दोनों आपकी प्रेगनेंसी प्लानिंग को बिगाड सकता है। अनियंत्रित वजन आपके शरीर में हार्मोन असंतुलन की स्थिति को पैदा कर सकता है। जिससे माहवारी समेत ओवलेशन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। एक स्वस्थ सामान्य महिला का बीएमआई 18.5 से 24.9 के मध्य होना चाहिए। यह आप सही डाइट एवं अच्छी लाइफ स्टाइल को फॉलो करके कर सकते हैं।



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