कैलिग्राफी एक्सपर्ट मेलविन कैसलीनो की हुई बुक लॉन्च - Sangri Times

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कैलिग्राफी एक्सपर्ट मेलविन कैसलीनो की हुई बुक लॉन्च

कला को सिर्फ हॉबी की तरह नहीं बल्कि एक प्रोफेशन में ढालना भी ज़रूरी है

ललित शर्मा/आयुष शर्मा

जयपुर: दुनिया में कई तरह की कलाएं है उनमें से एक है लिखावट और लिखावट में सबसे सुंदर माने जाने वाली है कैलीग्राफी , इसके भी प्रकार काफी हैं । भारत की बात की जाए तो अब ज़माना बदल रहा है कई लोग कला को जो महज़ एक हॉबी मान लेते हैं उन तमाम सोचों को कुछ लोग अपना प्रोफेशन बनाकर साबित कर रहे हैं , युवाओं की कई तरह की मानसिकताओं को दूर कर रहे हैं। खैर आज बात कैलीग्राफी के बारे में और इस प्रोफेशन में अपना एक अच्छा नाम बनाने वाले मेलविन कैसलीनो पर, मेलविन को अगर एक क्रिएटिव मैन का नाम दिया जाए तो इसमें कोई दो राय नही होंगी , मेलविन को पेंटिंग का , स्केटचेस,का , म्यूजिक बैंड और कैलीग्राफी में मानो महारत हासिल है। इनमें से कैलीग्राफी मेलविन की एक मुख्य कला है जिसमें उनको करीब 25 से 26 सालों का अनुभव है, इस बात को खास ये भी  बनाती है कि उनकी हालही में एक किताब लॉन्च हुई है जिसमें मेलविन ने बड़े ही उम्दा तरीके से बताया है कि आप कैलीग्राफी को कैसे और किस तरह से सीख सकते किताब में अभ्यास के तौर पर कुछ काम अंकित किये गए हैं जिसको करने से किसी व्यक्ति को कैलीग्राफी की एक अच्छी प्रैक्टिस और नॉलेज हो सकती है।
मेलविन कैसलीनो से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कैलीग्राफी का अपना एक इतिहास है आसान शब्दों में कहा जाए तो कैलीग्राफी हाथों द्वारा लिखी जाने वाली एक रचनात्मक और सुंदर लिखावट होती है। एक लिखावट जिसकी शुरुआत मिडल ईस्ट और चीन से होती हुई दुनिया में प्रसिद्ध हो गयी भारत में भी इसका अपना एक इत्तिहास रहा है। मेलविन कहते हैं कि इस कला को धीरे धीरे लोग और जानने  और समझ ने लग गए जब अनेको प्रकार टूल्स और आदि चीजें इस कला को लेकर भारत के अलावा दुनिया में आईं।
एक सवाल के जवाब में मेलविन कहते हैं कि 25 साल पहले मैने इस कला को जब अपनाया तब उस वक़्त भारत में कैलीग्राफी पेन्स थे ही नही। उस दौरान में एक मामूली इंक पेन  को खरीद कर कैलीग्राफी पेन में तब्दील कर देता था वे आगे कहते हैं कि मैने उस समय एक दूसरे लड़के को इस कला का इस्तेमाल करते देखा था और वही  से इस कला को अपनाने का मैने सोच लिया। जैसे जैसे समय बीता वैसे वैसे नए टेक्नोलॉजिकल चीजें आने लगी सोशल मीडिया का भी चलन चल पड़ा यूट्यूब जैसे तमाम प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए मेलविन ने अपने आप को और जूझारू और अपने आप को परफेक्ट बनाया।

मेलविन फिलहाल इस कला को अनेकों प्रकार से युवाओं तक पहुचाने की कोशिश कर रहे हैं। एक जवाब वे कहते हैं कि कैलीग्राफी को सीखने के लिए किसी बड़े इंस्टीटूट या किसी क्लास को जॉइन करने की ज़रूरत नही है आप जब इसमें दिल से परिश्रम करोगे तो आपको जरूर उसका सही परिणाम मिलेगा। भारत में अभी लिखावट की कला के साथ साथ कई और कलाओं को भी निखारने की ज़रूरत है  बसर्ते यहां सोच बदलने की भी अति आवश्यकता है ।

आपको बतादें की की मेलविन का अपना एक खुद का म्यूजिक बैंड है जिसकी शुरुआत करीब 30 साल पहले हो चुकी थी और उनका बैंड भी अपने प्रतियोगताओं को लेकर सुर्खियां बटोर ते रहता है। गौरतलब है कि मेलविन ने बीकॉम, एमकॉम,एमए, बीएड और एमएड में अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की है इसके साथ ही वे जयपुर के संत.ज़ेवियर स्कूल में इंग्लिश के फकोटी हैं इसके अलावा वे आने अन्य कई कलाओं से भी स्कूल में बच्चों सिखाने का प्रयास करते है ।

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