नशामुक्त समाज ही बाबा साहेब के सपनों को साकार कर सकता है



जयपुर। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में शराबबंदी को लेकर नयी क्रांति को जन्म देने वाली पूनम अंकुर छाबड़ा ने एक बार फिर कहा है कि देश और समाज की प्रगति बाबा साहेब के सिद्धांतों पर चलकर ही प्राप्त की जा सकती है। 

राजधानी में कालवाड़ रोड पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर मानव सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पूनम मुख्यातिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि नशे को लेकर जो नियम बनाये गये हैं, वह समाज पर तो प्रतिकूल प्रभाव डाल ही रहे हैं, इससे शराब माफिया के हौसले ज्यादा बुलंद हो रहे हैं और कच्ची बस्तियों में शराब की बिक्री पर सरकारी नियम-कायदे भी ताक पर रह जाते हैं। शराब एक ऐसा जहर है जो युवा वर्ग को यह अपनी ओर आकर्षित करता है और फिर अपने आगोश में ले लेता है, जिससे उसकी समाज में भी प्रतिष्ठा कमजोर होती है तथा आर्थिक रूप से कमजोर करती है। शराबमुक्त समाज से ही बाबा साहेब के सपनों को पूरा किया जा सकता है। 

पूनम अंकुर छाबड़ा ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी कहते थे कि मेरे नाम के जयकारे से अच्छा है मेरे बताये रास्ते पर चलें। हमें बाबा के सपनों को पूरा करना है। इस अवसर पर सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया गया।


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