ताले में बंद बडोडागांव का पशु चिकित्सालय - Sangri Times

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ताले में बंद बडोडागांव का पशु चिकित्सालय

सीमावर्ती जिले जैसलमेर में अधिकांश ग्रामीण पशुपालन व खेती पर निर्भर है ऐसे में जिले भर के ग्रामीण आंचलों में सरकार द्वारा पशुपालकों की सुविधा के लिए पशु चिकित्सालय बनाये गए है व वहाँ पशु चिकितको को नियुक्त किया गया है जिससे पशुपालकों को समय पर पशुओं के लिए दवा उपलब्ध हो सके।

जिले के बडोङागांव में बना पशु चिकित्सालय पिछले लंबे समय से ताले में बंद है जिससे बडोडा गांव सहित आसपास के गांव के पशुपालकों को समय पर दवाइया उपलब्ध नही हो पाती जिसके चलते मूक मवेशी काल कलवित होते जा रहा है। ग्राम मुख्यालय पर पशु चिकित्सक के नहीं आने से पशुपालक परेशान हो रहे है।

ग्रामीणों का कहना है कि पशु चिकित्सक कभी भी चिकित्सालय पर नहीं आते है। बडोड़ा गाँव पंचायत के मुख्यालय के अलावा आसायच, अभयनगर, सुखसिंहनगर, जसकरणपुरा तथा गंभीरसर में भी हजारों की संख्या में पशुधन है। इसके अलावा गांव में एक गौशाला भी संचालित की जा रही हैं। पशु चिकित्सालय वर्षों से केवल कागजो में चल रहा है। अस्पताल यदि नियमित खुलना शुरू हो जाए तो कुछ इलाज की आशा भी की जा सकती है, परन्तु ऐसा कुछ नहीं है। बार- बार शिकायत के बावजूद डॉक्टर को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। गायों में बीमारियां का प्रकोप है, हर रोज दुधारू पशु काल कलवित हो रहे है परन्तु विभाग को कोई चिंता नहीं है। ग्रामीण भी नियति मानकर सहते रहे, पर अब उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।    
 
इस वर्ष क्षेत्र में बारिश नाममात्र की ही हुई है जिससे लावारिश पशुओं की तादाद बढ गई। चिकित्सक के नहीं आने से इन बेसहारा पशुओं की अकाल मौत हो रही हैं । पूर्व में पशु चिकित्सक को लापरवाही के कारण निलम्बित भी किया जा चुका है। संबंधित अधिकारियों को कई बार सुचित करने के बावजूद चिकित्सक के खिलाफ न तो कार्यवाही की गई तथा न ही ड्यूटी पर आने के लिए पाबंद किया ।      

पशुपालन विभाग को चिकित्सक के खिलाफ कार्यवाही करते हुए मुख्यालय पर रहने के लिए पाबंद करना चाहिए अन्यथा हम जिला मुख्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना देंगे।

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