श्री देगराय मन्दिर ओरण में मिला दुर्लभ कछुआ

लमेर की फतेहगढ़ तहसील के श्री देगराय मन्दिर ओरण क्षेत्र में ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों द्वारा पिछले कुछ महीनों से प्रतिदिन करवाई जा रही निगरानी में इस विशाल ओरण के छिपे अनेक दुर्लभ जीवों का पता चल रहा है। इसी क्रम में आज ओरण में विचरण करते हुए दुर्लभ प्रजाति के कछुए को देखा गया, जिसकी जानकारी वन्यजीव विशेषज्ञों व वैज्ञानिकों को दी गई। श्री देगराय मन्दिर ओरण विकास समिती से सुमेरसिंह भाटी बताते हैं कि यह इंडियन फ्लेपशेल टर्टल प्रजाति का पानी का कछुआ है, जो भारत की नदियों व तालाबों में पाया जाता है। यह भारतीय वन्यजीव कानून में प्रथम श्रेणी में दर्ज संरक्षित जीव है जिसका शिकार गैरकानूनी है। यह कछुए थार मरुस्थल के तालाबों में भी पाये जाते हैं जहाँ यह बेहद दुर्लभ होते हैं, यह एक तालाब से दूसरे तालाब में जमीन के रास्ते सफर करते हैं और गर्मियों में तालाब सुख जाने पर 3 से 4 महीना जमीन के नीचे गीली मिट्टी में सुरक्षित रहते हैं। इनका मुख्य भोजन छोटी मछलियाँ, मेंढक, घोंघे, घास, पत्तियाँ, फूल व फल होते हैं। ओरण में इस कछुए का दिखना यहाँ के तालाबों में स्वस्थ प्राकृतिक जैव विविधता का अभी तक सुरक्षित होना दर्शाता है।


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