सियाणा की 18 वर्षीय बालिका ने कृषि बिल के बारे में किसानों को जानकारी दी

नीती मंथन  के आयोजित यंग लीडरेशन फ़ोर लेगल लिटेरचय के तहत

जगमालसिंह राजपुरोहित
मोदरान| जालोर जिले के सियाणा गांव की 18 साल की एक बालिका  जो  लॉ  स्टूडेंट है नाम है दुर्गा भट्ट  विगत  13 अक्टूबर को नीति मंथन के आयोजित यंग  लीडरेशन फ़ोर लेगल लिटेरचय के तहत किसानो के उनके नए कृषि बिल के बारे समझाते हुए बताया  की मैं ईस  देश का किसान हुं मुझे कोई कहे अन्नदाता , कोई कहे भाग्य विदाता , असल में ग़रीब  इंसान  हुं में, मथे पे सुखा गमचा , कंधे  पे कडाल,   इस देश का किसान हुं में..  जालोर जिले के सियाना राजस्थान में इस विषय को समझाने के पीछे का कारण गाँव के किसानों को नई नीति की विस्तृत व्याख्या प्रदान करना था 
ताकि वे अपने वर्तमान अधिकारों और नीतियों से अवगत हों ताकि वे उनका कुशलता और प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
किसान इस नई नीति से बहुत खुश थे और इसके सफल होने की उम्मीद कर रहे थे।
इस सम्बन्ध में बालिका दुर्गा भट्ट ने हमारे संवाददाता को बताया कि में किसानों की नहीं बल्कि  अन्य हर तबके की ग्रामीण जनता को कानुन के विषय पर जानकारी देती रहती हुं और इस विषय पर जानकारी दी ।
1-कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक 2020
इसके मुताबिक किसान मनचाही जगह पर अपनी फसल बेच सकते हैं. बिना किसी रुकावट दूसरे राज्यों में भी फसल बेच और खरीद सकते हैं. इसका मतलब है कि एपीएमसी (APMC) के दायरे से बाहर भी फसलों की खरीद-बिक्री संभव है. साथ ही फसल की बिक्री पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. ऑनलाइन बिक्री की भी अनुमति होगी. इससे किसानों को अच्छे दाम मिलेंगे.
2. मूल्य आश्वासन एवं कृषि सेवाओं पर कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) अनुबंध विधेयक 2020
देशभर में कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग को लेकर व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव है. फसल खराब होने पर उसके नुकसान की भरपाई किसानों को नहीं बल्कि एग्रीमेंट करने वाले पक्ष या कंपनियों को करनी होगी. किसान कंपनियों को अपनी कीमत पर फसल बेचेंगे. इससे किसानों की आय बढ़ेगी और बिचौलिया राज खत्म होगा.
3. आवश्यक वस्तु संशोधन बिल
आवश्‍यक वस्‍तु अधिनियम को 1955 में बनाया गया था. अब खाद्य तेल, तिलहन, दाल, प्याज और आलू जैसे कृषि उत्‍पादों पर से स्टॉक लिमिट हटा दी गई है. बहुत जरूरी होने पर ही इन पर स्‍टॉक लिमिट लगाई जाएगी. ऐसी स्थितियों में राष्‍ट्रीय आपदा, सूखा जैसी अपरिहार्य स्थितियां शामिल हैं. प्रोसेसर या वैल्‍यू चेन पार्टिसिपेंट्स के लिए ऐसी कोई स्‍टॉक लिमिट लागू नहीं होगी. उत्पादन, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन पर सरकारी नियंत्रण खत्म होगा.

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