लम्बे समय से विभागों में नाकारा पड़ी ई-मित्र प्लस मशीनें झांक रही... - Sangri Times

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लम्बे समय से विभागों में नाकारा पड़ी ई-मित्र प्लस मशीनें झांक रही है धूल

आधुनिक तकनीकी के माध्यम से लोगों को एक ही छत के नीचे कई तरह की सरकारी व निजी सेवा मिलेनें से वंचित है आम नागरिक

सायला।उपखंड क्षेत्र के निकटवर्ती पोषाणा ग्राम पंचायत में ई-मित्र प्लस मशीन विभागों में नकारा पडी धूल झांक रही है। आधुनिक तकनीकी के माध्यम से लोगों को एक ही छत के नीचे कई तरह की सरकारी व निजी सेवा मिले इस उद्देश्य से पूर्व सरकार द्वारा शुरू की गई ईमित्र प्लस पहल के तहत कई विभागों में आई मशीनें पिछले लम्बे समय से नकारा साबित हो रही है। कई विभाग तो ऐसे है जहां पर इन मशीनों को आज दिन तक इंस्टॉल भी नहीं किया गया है। संबंधित विभागों में पड़ी मशीनों को अगर कर्मचारी उपयोग में लेकर आमजन को इसकी जानकारी उपलब्ध करवाते है तो इससे लोगों को कई तरह की सुविधाएं मिलती है। लेकिन सभी जगह मशीनें नकारा पड़ी रहने से लोगों को ईमित्र प्लस की सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।
ईमित्र प्लस मशीन एक कोने में अनुपयोगी पड़ी है। सीमातर्वी जालौर जिला साक्षरता की दृष्टि से पिछडा हुआ होने के कारण इन ईलेक्ट्रानिक मषीनों की जानकारी लोगो को नही है। तथा ई-मित्र मषीनों की पूर्ण रूप से गाईडलाईन के लिये कोई भी आॅपरेटर इन मषीनों पर नियुक्त नही किये गये है जिससे लोगो को सम्पूर्ण जानकारी नही मिल पाती है। व इन ई-मित्र मषीनों का प्रचार-प्रसार नही होने के कारण इन ईलेक्ट्रानिक मषीनों की जानकारी लोगो को नही मिल पा रही है। जिले में जलदाय विभागों, पंचायत समितियों, नगपरिषद,विद्युत विभागों ,ग्राम पंचायतों, तहसीलों  सहित कई विभागों में मशीनें नकारा पड़ी है। कई जगह तो इन्हें अब तक इंटरनेट से नहीं जोडकर इंस्टाल भी नहीं किया गया है।
अगर इन मशीनों को जल्द ही शुरू किया जाता है तो शहरवासी मशीनों के माध्यम से बिजली, पानी, गैस, पोस्ट पैड मोबाइल सहित सभी तरह के बिल जमा करवा सकेंगे। इनकी इलेक्ट्रॉनिक रसीद हाथों-हाथ मिलती है। उपभोक्ता को अपने कनेक्शन का नंबर डालना होता है। बिल राशि का पेमेंट वह एटीएम की तरह कार्ड से भी होता है। एटीएम की डिपोजिट मशीन की तरह कैश डालकर भी बिल जमा होते है। इसी के साथ ही मशीन पर सभी तरह के प्रमाण पत्र भी प्रिंट होते है। इसके लिए मशीन में विशेष प्रिंटर भी इंस्टॉल किया गया है। उपभोक्ता को सिर्फ अपने प्रमाण पत्र का नंबर या रजिस्ट्रेशन संख्या डालनी होगी। सभी तरह के प्रमाण पत्र प्रिंट होकर मिल जाते है। इसमें मिलने वाली सेवाओं का चार्ज 10 से 50 रुपए तक रहता है।
लोगों को मशीन से जमाबंदी की नकल, जन्म-मृत्यु, जाति, मूलनिवास प्रमाण-पत्र का प्रिंट, बिजली, पानी के बिल जमा करना सहित तमाम तरह की सरकारी व निजी सेवाएं आधुनिक तकनीकी के माध्यम से देने के लिए राज्य सरकार ने ईमित्र प्लस पहल का शुभारंभ पिछली सरकार द्वारा  किया गया था। जिसके तहत सभी ग्राम पंचायतों व राज्य सरकार के सभी विभागों में मशीनों को भेजा गया है।
ई-मित्र प्लस के माध्यम से आमजन ई-मित्र कियोस्क से मिलने वाली सुविधाएं प्राप्त कर सकता है। इसके लिए एसएसओ आईडी बनानी पड़ती है। आईडी कियोस्क ऑपरेटर की होती है। जिसे ऑपरेटर कियोस्क को सुबह ऑन व शाम को ऑफ करना पड़ता है। कोई भी उपभोक्ता कार्य से संबंधित कागजात के साथ ई-मित्र प्लस कियोस्क मशीन की बोर्ड के माध्यम से कार्य का चयन कर पंजीयन करना होता है। उपभोक्ता की ओर से ली जाने वाली सुविधा का शुल्क कैस रिसेप्टर व कार्ड स्वाइप कर होता है। भुगतान करने के बाद लेजर प्रिंटर से रसीद भी मिलती है।

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