नवरात्रि महोत्सव विशेष: नवरात्र में क्यों जलाते हैं अखंड ज्योत

मोदरान में आशापुरी माताजी मंदिर में हर वर्ष नवरात्रि महोत्सव पर नौ दिन तक अंखड ज्योति जलाने से हर मनोकामना पूरी होती है।

जगमालसिंह राजपुरोहित
मोदरान । नवरात्रि यानि नौ दिनों तक चलने वाली देवी मां आशापुरी माताजी  के नौ स्वरूपों की आराधना के साथ ही इस पावन पर्व पर कई घरों में  घटस्थापना होती है, तो कई जगह अखंड ज्योत का विधान है। शक्ति की आराधना करने वाले जातक अखंड ज्योति जलाकर माँ दुर्गा आशापुरी माताजी की साधना करते हैं। अखंड ज्योति अर्थात ऐसी ज्योति जो खंडित न हो। अखंड ज्योत पूरे नौ दिनों तक अखंड रहनी चाहिए यानी जलती रहनी चाहिए।
अंखड दीप को विधिवत मत्रोच्चार से प्रज्जवलित करना चाहिए। नवरात्री में कई नियमो का पालन किया जाता है। अखंड ज्योत का महत्व नवरात्री में  बहुत बडा होता है। अखंड ज्योत में दीपक की लौ बांये से दांये की तरफ जलनी चाहिए। इस प्रकार का जलता हुआ दीपक आर्थिक प्राप्‍ति का सूचक होता है।
 दीपक का ताप दीपक से 4 अंगुल चारों ओर अनुभव होना चाहिए, इससे दीपक भाग्योदय का सूचक होता है। जिस दीपक की लौ सोने के समान रंग वाली हो वह दीपक आपके जीवन में धन-धान्य की वर्षा कराता है एवं व्यवसाय में तरक्की का सन्देश देता है। निरंन्तर 1 वर्ष तक अंखड ज्योति जलने से हर प्रकार की खुशियों की बौछार होती है।
ऐसा दीपक वास्तु दोष, क्लेश, तनाव, गरीबी आदि सभी प्रकार की समस्याओं को दूर करता है। संकल्प लेकर किए अनुष्‍ठान या साधना में अखंड ज्योति जलाने का प्रावधान है। अखंड ज्योति में घी डालने या फिर उसमें कुछ भी बदलाव का काम साधक या पुजारी द्वारा ही करना चाहिए,  नवरात्र में अंखड दीप जलाना स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है क्योंकि घी और कपूर की महक से इंसान की श्वास और नर्वस सिस्टम बढ़िया रहता है। नवरात्र में अखंड दीप जलाने से मां कभी अपने भक्तों से नाराज नहीं होती हैं।
नवरात्र में घी या तेल का अखंड दीप जलाने से दिमाग में कभी भी नकारात्मक सोच हावी नहीं होती है और चित्त खुश और शांत रहता है। वही मोदरान गांव में शारदीय व चैत्रीय नवरात्रि महोत्सव में  सैकड़ों अंखड ज्योति आस पास के भक्तों द्वारा शुद्ध देशी घी भेजकर किया जाता यहां पर सैकड़ों अंखड ज्योति के लिए एक अलग से पुजा कक्ष बना हुआ है और यहां पर पुरे दिन व रात चार पांच अंखड ज्योत का ध्यान रखना पड़ता है यहां पर हर किसी की कोई भी मनोकामना पूर्ण होती हैं तो अखंड ज्योति जलाने का नियम है तो भक्तगण यहां हमेशा नवरात्रि महोत्सव में सैकड़ों अंखड ज्योति जलाते हैं।
इनका कहना:
मोदरा माताजी मंदिर में करीब 45 वर्षो से अखंड ज्योति जलाने का नियम है और हर वर्ष शारदीय व चैत्रीय नवरात्रि महोत्सव में आशापुरी माताजी मंदिर में भक्तों द्वारा अपनी मनोकामना पूरी होने व अन्य खुशी में अंखड ज्योति करवाते हैं और यह नौ दिन तक अंखड शुद्ध देशी घी से किया जाता है

पंडित आचार्य भीमाशंकर दवे, भीनमाल


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