कोरोना महामारी में गरीबों के मसीहा बनकर उभरे ऊम सिंह राठौड़ चांदराई


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रामदेव सिंह भोमिया राजपूत

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जालोर: कोरोना महामारी भारत वर्ष सहित पूरे विश्व को लगातार अपनी चपेट में ले रहा है। हाल तक विश्व भर के दस लाख लोगों को कोरोंना वायरस अपनी गिरफ्त में ले चुका है। वही ५२ हजार लोंग इस महात्रासदी के शिकार होकर अपने प्राण भी गवा चुके हैं। भारत सरकार ने कोरोना नामक वैश्विक महामारी से निपटने के लिए पूर्व में ही तैयार कर ली। इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर में २१ दिन के लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टेंसी के माध्यम से कोरोना के चक्र को तोड़ने का दूरदर्शी प्रयास भी किया है। लेकिन इसी लॉकडाउन के दौरान भारत वर्ष के एक बहुत बड़े वर्ग जिसमें दिहाड़ी मजदूर, गरीब एवं गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों के सामने खाद्यान्न सामग्री एवं भोजन का संकट खड़ा हो गया। ऐसी ही स्थिति से जूझ रहे जालोर जिले के लिए ऊम सिंह राठौड़ चांदराई मसीहा बनकर उभरे। राठौड़ के नाम  से जालोर जिले का वासी अंजान नहीं है। कभी राजनीति, कभी विधायक टिकट की दावेदारी, कभी भामाशाह, कभी व्यवसायी के रूप में ऊम सिंह चांदराई सदैव चर्चा में बने रहते हैं। राठौड़ कांग्रेस पार्टी से ताल्लुक रखते हैं एवं हाल में पीसीसी के सदस्य भी हैं। वैसे तो ऊम सिंह चांदराई की छवि एक दबंग राजनेता की सदैव से रही है। किन्तु कहीं बार इनकी दरियादिली भी दिखी है। हाल में जब कोरोना नामक वैश्विक महामारी ने अर्थव्यवस्था को तहस नहस करते हुए अपने पांव पसार रही है और एक विशेष वर्ग को अपनी जरूरतों को पूरा करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तो एक बार फिर ऊम सिंह चांदराई का नाम जालोर जिले की राजनीति में चर्चा में आ गया। जब जालोर जिले के सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के विधायक एवं राजनेता छोटी-छोटी पहले कर रहें हैं, उस स्थिति में अपनी दानवीरता और भामाशाह छवि के लिए विख्यात ऊम सिंह चांदराई ने एक विशेष बेडा उठाया। उन्होंने भीनमाल एवं आहोर तहसील से शुरुआत करते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर दिहाड़ी मजदूर, गरीब एवं गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री के कीट वितरण करने शुरू कर दिए। वे अब तक जिले भर में १००० से ज्यादा खाद्य सामग्री के कीट वितरण कर चुके हैं। राठौड़ यही तक नहीं रूके हैं बल्कि अब भी नित्य सौ परिवारों को खाद्य सामग्री वितरित करते हुए आमजन की मुश्किलों के साथ डटकर खड़े हैं। भीनमाल विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी चांदराई ने बाकायदा सोशल मीडिया के माध्यम से जालोर जिले के सभी ग्राम विकास अधिकारियों एवं पटवारियों से आग्रह किया है कि जिस भी ग्राम पंचायत में किसी जरुरतबंध को खाद्य सामग्री की आवश्यकता है। वे उनसे सीधा सम्पर्क कर सकते हैं। नित समय पर खाद सामग्री उपलब्ध करा देंगे। राठौड़ के अनुसार अगर जालोर जिले के ५ से १० परिवार जनों को खाद्य सामग्री की आवश्यकता हुई तो भी वे निश्चित होकर तत्पर हैं। ऊम सिंह चांदराई की इस उदारता और सहानुभूति से आम जन अत्यंत प्रसन्न हैं। कोई उन्हें गरीबों का मसीहा कह रहा है तो कोई मुश्किल हालातो में साथ देने वाला राजनेता बता रहा है। वजह जो भी हो लेकिन आजकल जालोर जिले की सियासत में ऊम सिंह चांदराई चर्चा का विशेष बने हुए हैं। राठौड़ ने भी समाज सेवा एवं जरूरत बंदों की जरूरतों को पूरा करना ही अपना लक्ष्य बताया। उनका कहना है कि समाज सेवा से उन्हें आनंद की अनुभूति होती है। राठौड़ ने अपने लक्ष्य को बढ़ाते हुए अपने भोमिया राजपूत समाज के सबसे बड़े संगठन श्री लच्छेश्वर सेवा संस्थान लच्छानाड़ा के पदाधिकारियों से सहमति लेकर राजस्थान के जालोर, पाली, सिरोही एवं बाड़मेर जिले के सभी ग्राम पंचायतों में जरूरतमंदों को संकट के समय खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। खाद्य सामग्री वितरित करते समय भी राठौड़ अपने सभी साथियों के साथ लोगों को भी सोशल डिस्टेंसी बनाए रखते हुए, घरों से बाहर न निकलने का आग्रह कर रहे हैं।

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"कोरोंना नामक वैश्विक महामारी अचानक आई हुई आपत हैं। इस आपत का सामना करने में कई भाई और बहनों को मुश्किल आ रहीं थीं। इसलिए मैंने जनहित को ध्यान में रखते हुए जरूरत बंदों को खाद्य सामग्री वितरित कर रहा हूं। मुझे समाज सेवा करने में आनंद की अनुभूति होती हैं।"। -- ऊम सिंह राठौड़ चांदराई (सदस्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी राजस्थान)

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