निरोगी राजस्थान चिरंजीवी स्वास्थ्य शिविरों का केरु ग्राम पंचायत से जिला स्तरीय हुआ शुभारंभ



 जिले में 14 नवम्बर रविवार से मुख्यमंत्री निरोगी राजस्थान चिरंजीवी स्वास्थ्य शिविरों का विधिवत शुभारम्भ किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बलवंत मंडा ने बताया कि 14 नवंबर रविवार को मंडोर ब्लॉक के ग्राम पंचायत केरु शिविर का लुणी विधायक श्री महेंद्र बिश्नोई, जिला कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जोधपुर जोन संयुक्त निदेशक डॉ. जोगेश्वर प्रसाद द्वारा शुभारंभ किया। इस मौके पर केरु सीएचसी इंचार्ज डॉ सुरेश सैनी,डॉ. महेश भार्गव,डॉक्टर दिनेश चौधरी व सामाजिक कार्यकर्ता दीपाराम गंन्डेर केरु सरपंच प्रमोद भंवरिया फरसाराम भंवरिया,मघराज चौधरी नर्सिंग स्टाफ दिनेश चौधरी रणजीत सिंह सुमीत पुरोहित महेन्द्र सिंह एएनएम गुलाब गोयल सरस्वती भाटी उमा जोशी व सीएचसी का पूरा स्टाफ व ग्राम वासी उपस्थित थे सीएमएचओ डॉ. मंडा ने बताया कि चिरंजीवी स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन प्रत्येक ग्राम पंचायत में 14 नवम्बर से किया जा रहा है। प्रत्येक ब्लॉक में सप्ताह में दो या तीन कैम्प आयोजित किये जा रहे है। 

*शिविरों में दी जा रही निम्न सुविधाएं*

इन शिविरों में सभी प्रकार की संचारी, गैर संचारी रोगों सहित सभी बीमारियों की जांच और यथासंभव उपचार किया जा रहा है।  शल्य चिकित्सा आवश्यक होने पर सुविधानुसार उच्चतर चिकित्सा संस्थान पर भिजवा कर सर्जरी करवाई जाएगी। 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों का ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की जा रही है। परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कैम्प में आने वाले लोगो की आंखों की जांच की जा रही है। टीबी के सम्भावित रोगियों के टेस्ट और उपचार की व्यवस्था की गई है। शिविर में सिलिकोसिस और कुष्ट रोगों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है इसके साथ ही कोविड टीकाकरण से वंचित लोगो का टीकाकरण भी किया जा रहा है। जिन लोगो ने चिरंजीवी योजना में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है उनके रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी कैम्पो में उपलब्ध करवा कर उनका रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। शिविरों में स्कूल जाने वाले बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। शिविरों से पूर्व स्कूलों में स्टाफ द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य की प्री स्क्रीनिंग की जा रही है। प्री स्क्रीनिंग में यदि किसी बच्चे को कोई बीमारी पाई जा रही है तो उन्हें शिविरों में उपचार के लिए भिजवाया जा रहा है। शिविरों में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच विशेषज्ञ चिकित्सक कर रहे हैं। और आवश्यकता पडने पर उन्हें उपचार के लिए चिरंजीवी योजना/ आरबीएसके से संबंद्ध अस्पतालों में रैफर किया जा रहा है। जहां उनका उपचार निशुल्क किया जाएगा।सीएमएचओ ने बताया कि शिविरों में चाइल्ड स्पेशलिस्ट, गायनोलॉजिस्ट, फिजिशियन, मेडिसन, डेंटिस्ट, नेत्र सहायक और आयुष चिकित्सक शिविर स्थलों पर मौजूद हैं। ईसीजी सहित सभी जांच उपकरण एम्बुलेंस, मेडिकल मोबाइल वैन भी उपलब्ध रखी जा रही है। 

*टेलीमेडिसिन के जरिये आमजन को दिया जा रहा इलाज*

शिविरों के दौरान ई संजीवनी के माध्यम से जिला चिकित्सालय स्तर से ईएनटी, चर्म रोग, मनोरोग अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है, सुपर स्पेशिलिटी के लिए न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी की सेवाएं टेली कंसल्टेंसी के जरिये एसएमएस अस्पताल से उपलब्ध करवाई जा रही है। रवांजना चौड में भी टेलीमेडिसिन व ई संजीवनी हब के जरिये मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श का लाभ दिलवाया गया। डॉ.मंडा ने बताया कि यह अभियान आमजन को उचित उपचार उपलब्ध करवाने के उद्धेश्य से संचालित किए जा रहे हैं। विशेषकर ग्रामीणजनों को इन स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से बाल रोग, स्त्रीरोग, नेत्र रोग, दंत रोग, आयुष विशेषज्ञों की उपचार-जांच सेवाओं के अतिरिक्त 48 तरह की खून की जांच, टीबी,लीवर संबंधी रोग, पेट संबंधी, गुर्दा, मलेरिया, ईसीजी, 3 कॉमन कैंसर, प्रसवपूर्व जांचे,सिलीकोसिस व कुष्ठ रोगों इत्यादि गंभीर रोगों की जांच सुविधा भी ग्राम पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध करवायी जा रही है।साथ ही इन शिविरों में गंभीर रोगों से ग्रसित रोगियों की पहचान कर उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों पर सर्जरी-उपचार हेतु रैफर किया जायेगा।शिविर में इंटरनेट के माध्यम से ई-टेली कंसलटेंसी के जरिए सुपर स्पेशलिटी व स्पेशलिस्टों की ऑनलाईन कंसलटेंसी सेवा हेतु जोड़ा जायेगा। इसके लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल के पांच सुपर स्पेशलिस्ट एवं स्वास्थ्य भवन से 10 विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवाएं टेलीकंसलटेंसी के लिए पूरी अभियान अवधि के लिए उपलब्ध रहेंगी


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