महिला सशक्तिकरण की एक मिसाल पेश कर रही हैं डांस कोरियोग्राफर माधुरी वाधवा

जुनून हो तो मंज़िलें मिल ही जाती है। सफलता हर किसी के जीवन का लक्ष्य है। जीवन चुनौतियों और अवसरों से भरा है लेकिन केवल उन्हीं लोगों के लिए जो वास्तव में अवसरों को प्राप्त करने और चुनौतियों का सामना करने के लिए संघर्ष करते हैं। कड़ी मेहनत और समर्पण सफलता की यात्रा का एकमात्र मंत्र हैं। उत्साह और कड़ी मेहनत के बिना कोई भी सफलता हासिल नहीं कर सकता। किसी भी सफलता की शुरुआत कोशिश करने से ही होता है इसी बात पर एक बार चन्द्रगुप्त ने चाणक्य से पूछा “अगर किस्मत पहले लिखी जा चूकी है तो कोशिश करने से क्या मिलेगा”. इस पर चाणक्य ने जवाब दिया “क्या पता की किस्मत में जो लिखा हो वो कोशिश करने से ही मिले” इसी लिए “सफल होना है तो कोशिश करना मत छोड़िये।

खैर सफल होने के उदाहरण भी खूब हैं और लोग भी आप जितने सफल हुए लोगों से मुखातिब होंगे उतना ही आप अपने जीवन में आने वाले कई परेशानियों का सामना कर सकेंगे और ऐसी ही एक जूनूनी  महिला से मुखातिब हुए पर्लकॉन कंसल्टेंसी के CMD और फर्स्ट इंडिया Tv के लीगल एडवाइजर ललित शर्मा , नाम है माधुरी वाधवा एक महिला जो निरंतर अपने प्रोफ़ेशन से महिला सशक्तिकरण की एक मिसाल पेश कर रही हैं, कई मानसिकताओं को चुनौती दे रही हैं ।
माधुरी वाधवा पेशे से एक नृत्य कलाकार हैं । पर ये मत भूलियेगा की इस कला को पाने में माधुरी की मेहनत असीम है । एक मेहनत जिसने मधुरी को एक नया प्लेटफार्म दिया है एक प्लेटफार्म जिससे आज उनका एक नाम नृत्य दुनिया में जड़ा जा चुका है ।

वे कहती हैं  की शुरुआती दिनों में जब मैने मेरे कैरियर की शुरुआत की तब उस वक़्त मेरे परिवार ने मेरी सहायता की मेरे पति और पीहर से मुझे काफी सहारा मीला, कुछ दिन ऐसे भी आये जब ज़्यादा काम होने के कारण में घर में देरी से आती थी लेकिन तब भी मेरे परिवार ने मुझे सही ढंग से समझा, मुझे कभी भी पाबंदियों का सामना नही करना पड़ा। मैं खुद अपनी प्रेरणा हूं, मैंने खुद को इस करियर को चुनने और आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है, मैं हरदम इस कोशिश में आगे लगी रहूंगी की नृत्य की विरासत नयी पीढ़ी तक सदा कायम रहे।

माधुरी शुरुआती दौर में सफलताएं और प्रेरणाओं का प्रमुख स्रोत वे अपने पति और बच्चों के समर्थन को मानती हैं। सफलताओं के पहले मार्ग का माधुरी का अनुभव काफी चुनौतीपूर्ण था। ज़ाहिर है कि कोई भी व्यक्ति सफल बनना चाहता है तो उसे परिश्रम तो करना ही होगा। माधुरी ने अपने कैरियर की शुरुआत कई ऑडिशन, राउंड्स और स्टेजेज़ पार करके की इसी के साथ उनका चयन मायानगरी मुम्बई में हुए एक शूट में भी हुआ जिससे माधुरी में आत्मविश्वास की झांकी पनपी और आज उसी का नतीजा है कि माधुरी ने नृत्य की दुनिया में अपना एक अलग नाम जड़ दिया है।
जैस- जैसे समय गुज़रा वैसे-वैसे मधुरी अपने प्रोफेशन में और रमती चली  गईं, इसको देखते हुए माधुरी ने जयपुर में अपनी पहली डांस क्लासेज़, माधुरी अकैडमी के नाम से स्थापित की उन्होंने खुद चयनित किये हुए कोरियोग्राफर्स की एक टीम भी नियुक्त की जो आज हर वर्ग और  उम्र के लोगों को डांस की कला सिखा रहे हैं, माधुरी डांस अकैडमी की इस समय जयपुर में  दो ब्रांच है।
वार्तालाप में माधुरी ने लोगों में पनप रही कई बीमारियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि आज समय में फिजिकल एक्सरसाइज करना अधिक आवश्यक हो चुका है ।
और इसी को देखते हुए उन्होंने अपनी अकैडमी में ज़ुम्बा क्लासेज का भी सेशन चलाया है । जिसमे शरीर की काफी कैलोरीज़ बर्न होती हैं।  लोगों का प्रेम , सहारा , मेहनत , आत्मविश्वास और प्रेरणा की जुगलबंदी ने माधुरी को आज इस मुकाम तक पहुचा दिया कि आज वे जयपुर  के कई स्कूल और केरीब-करीब हर विश्वविद्यालय में बतौर जज जा चुकी हैं ना केवल जयपुर शहर बल्कि शहर से बाहर भी माधुरी इतनी लोकप्रिय हैं कि वे वहां भी कई विश्वविद्यालयों में जज की भूमिका निभा चुकी हैं।
जब माधुरी से महिलाओं को लेकर डांसिंग के प्रति मानसिकता के बारे और उनके खुद के परिवार के सपोर्ट के बारे में पूछा गया तब उनका कहना था की मुझे डांसिंग में शौक तो पहले से था ही पर इसको कैरियर बनाने के मामले में मुझे मेरे पीहर मेरे पति और बच्चों ने मोटीवेट किया माधुरी के पति का नाम दीपक वाधवां है और उनके दो बच्चे हैं जिनमें से उनके बेटे का नाम वंदन वाधवा है जो फिलहाल 10वी कक्षा के छात्र हैं और उनकी एक बेटी है  जिनका नाम है गीतिका वाधवा, दीपिका मुम्बई में BMS की पढ़ाई कर रही है और जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल से वे 95 % से पास आऊट हैं
बातचीत के दौरान उनका कहना था कि डांसिंग को आज भी सही नज़रों से देखा नही जाता पर अगर आप अपने आप को सुरक्षित लेकर चलेंगे तो आपको आपकी सफलता पाने में कोई रोक सकता। माधुरी और उनकी टीम का काम आज पूरे जयपुर  शहर में अपना परचम लहरा रहा है कई मैरीज फक्शन्स, प्रोग्राम्स, महिला संगीत और  प्री वेडिंग शूट के दौरान माधुरी को कई चीजों को कवर करने , सीखने और सीखाने के लिए बुलाया जाता है । इसके अलावा वे कई और आइडियाज़ पर अपना हाथ आज़मा रही हैं ।
डांसिंग को एक कैरियर बनाने के ऊपर उनका कहना है कि अगर आपने न केवल डांसिंग पर किसी भी क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने के लिए ठान ही ली है तो आप ज़रूर सफल होंगे, फिर चाहे वो क्षेत्र कोई भी हो।माधुरी वाधवा की भविष्य की योजना पर पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि " मैं अपनी अकेडमी की  शाखाएं पूरे जयपुर में खोलने की योजना बनाई है , और यहां तक ​​कि अपने ईवेंट व्यवसाय को अन्य शहरों में भी विस्तारित कर रही हूं  मैंने हर आयु वर्ग के लोगों के लिए विभिन्न नृत्य शिविर आयोजित करने की योजना बनाई है।  मैं कैंसर रोगियों के लिए एक चैरिटेबल शो आयोजित करने की योजना भी बना रही हूँ। "
बताते चलें की  की माधुरी को कई अवार्ड्स जैसे वोमेन्स अचीवर अवार्ड के साथ साथ जयपुर रत्न अवार्ड से भी नवाज़ा गया है।


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