शहीदी दिवस पर गिनीज बुक में दर्ज होगा "निफा" का नाम

मुंबई : नशा नहीं, रक्तदान कीजिए। युवाओं को इस संदेश के साथ सामाजिक संस्था नेशनल इंटेग्रेटेड फोरम आफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स (निफा) शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के 90वें शहीदी दिवस पर 23 मार्च को पूरे देश में 90 हजार यूनिट रक्त जुटाएगी। ब्रह्म कुमारी, राष्ट्रीय रक्त संचरण परिषद (एनबीटीसी), इंडियन रेडक्रास सोसायटी, नैशनल इंटेग्रेटेड मेडिकल असोसीएशन, इंडीयन सोसायटी आफ ब्लड ट्रैन्स्फ़्यूज़न एंड इम्यूनोहाईमटोलोजि और अन्य सामाजिक संगठनों के सहयोग से चलने वाले राष्ट्र व्यापी अभियान में एक ही दिन 1500 रक्तदान शिविर लगाए जाएँगे जिनमें महाराष्ट्र  भी बड़े रूप में शामिल रहेगा। 
     लक्ष्य यह कि कोरोना काल में जरूरतमंदों को खून की कमी न हो ओर देश में हर वर्ष रक्त की होने वाली कमी को समाप्त किया जाए। आज मुंबई मराठी पत्रकार संघ द्वारा संचालित प्रेस क्लब के हाल में आयोजित बैठक में बात चीत करते हुए निफा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नु ने संकटकाल में रक्तदान और प्लाज्मा की कमी को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय मुहिम के बारे में विस्तार से बताया। निफ़ा अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नु ने कहा कि भारत में हर वर्ष आवश्यकता से 20 लाख यूनिट रक्त कम इकट्ठे होते हैं ओर करोना संकट में यह कमी इस से बहुतज़्यादा होने वाली है। क्योंकि जहां सोशल डिस्टन्सिंग, करोना के भय, शैक्षणिकसंस्थाओं के बंद रहने के कारण रक्त दान कम हो रहा है वहीं भारत में रक्त दानको लेकर भ्रांतियाँ भी हैं जिनके कारण लोग रक्त दान करते हुए डरते हैं। विश्वमें दूसरे सबसे ज़्यादा आबादी का देश ओर लगभग 65 करोड़ की सर्वाधिक युवा जनसंख्या होने के बावजूद मात्र एक से डेढ़ प्रतिशत युवा रक्त दान करते हैं। हर वर्ष इतनी बड़ी संख्या में रक्त की कमी हमें सोचने पर मजबूर करती है। इसी प्रकार करोना में प्लाज़्मा के अनेक बैंक खुलने ओर लाखों लोगों के करोना पॉज़िटिव से नेगेटिव होने के बावजूद प्लाज़्मा डोनर की संख्या नगण्य है। देश भर में रक्त दान के फ़ायदे बताने के लिए ये अभियान शुरू किया गया है ताकि सभी को ये पता चले कि रेगुलर रक्त दान करने वाले लोगों को दिल का दौरा पड़ने का ख़तरा कम हो जाता है, उन्मे लिवर कैन्सर व पीलिया की सम्भावना कम हो जाती है, मोटापा कम होता है व गम्भीर बीमारियों के टेस्ट निशुल्क हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त हर रक्त दाता अपनी एक यूनिट रक्त के दान से चार लोगों की जान बचाता है। इस मुद्दे पर पूरे देश को जागरूक करने के लिए निफ़ा, जिसकी देश के 26 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में शाखाएँ हैं आगे आयी है।
      इसी कड़ी में महाराष्ट्र राज्य की सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लेने के लिए सम्पर्क अभियान के तहत आज मुंबई में बैठक रखी गई। पन्नु ने बताया की प्रारम्भ में राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किए गए अभियान को ग्लोबल चेम्बर आफ कामर्स के सहयोग के साथ अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दे दिया गया है और अब इसी अभियान के तहत 23 मार्च को अमेरिका, कनाडा, इंगलैंड, ऑस्ट्रेल्या, मरिशस, फ़िजी, दुबई, नेपाल आदि  में भी शहीदों को समर्पित रक्त दान शिविर होंगे।  इस अवसर पर  प्रेस वार्ता में पहुँचे निफ़ा महाराष्ट्र के संरक्षक सतीश जोंडले ने कहा ने कहा कि करोना काल में रक्त की कमी को पूरा करने में महाराष्ट्र की संस्थाओं  ने एक महती भूमिका निभाई है।
       प्रेस वार्ता में निफ़ा के महासचिव प्रवेश गाबा ने बताया कि इस अभियान के बाद राष्ट्रीय स्तर पर एक सॉफ़्ट्वेर व मोबाइल ऐप भी लॉंच की जाएगी जिसमें देश भर के रक्त दाताओं का डेटा होगा व किसी को भी देश के किसी भी हिस्से में रक्त की आवश्यकता होने पर केवल शहर का नाम व रक्त ग्रूप लिखने पर उस शहर के उस रक्त ग्रूप के दानियों की लिस्ट सामने आ जाएगी। इस सूची में यह भी वर्णित होगा कि लिस्ट में दिए गए रक्तदाताओं ने पिछली बार रक्त दान कब किया था। बैठक में निफ़ा मुंबई शाखा के प्रधान  व समवेदना अभियान के प्रदेश संयोजक अमेय पाटिल भी उपस्थित रहे ओर इस अभियान को निफ़ा महाराष्ट्र शाखा व अन्य सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से कामयाब करने का विश्वास दिलाया।
      अभियान के सफलता के लिए बनाई गई योजना का खुलासा करते हुए पन्नु ने बताया कि रक्तदान की राष्ट्रव्यापी मुहिम में शहीद भगत सिंह के भतीजे सरदार अभय सिंह संधु, शहीद सुखदेव के पोते अनुज थापर, शहीद राजगुरु के भतीजे सत्यशील राजगुरु, शहीद अश्फ़ाकउल्लाह खान के पोते अश्फ़ाकउल्लाह खान के साथ ही बालीवुड, खेल जगत और कारपोरेट जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी। फिल्म अभिनेता सोनू सूद, रणदीप हुड्डा, गायक कैलाश खेर, पंजाबी गायक गुरदास मान, भारतीय फ़ुट्बॉल टीम के पूर्व कप्तान भाईचुंग भूटिया, निर्माता-निर्देशक करण राजदान, रंगमंच के कलाकार मोहन जोशी, प्रसिद्द कमेडीयन ख़याली सहारन, प्रसिद्ध पर्वतारोही व तेंज़िंग नोरगे राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित अनिता कुंडू, अर्जुन अवार्ड से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर ज़सलाल प्रधान, भारतीय फ़ुट्बॉल टीम के खिलाड़ी जेजे लालपखुआ व सबसे कम उम्र की उभरती गायिका ऐशतर हनामथे ने पहले ही इस अभियान के साथ जुड़ने की सहमति दे दी है।


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