स्वामी चिन्मयानंद यौन शोषण के मामले हुए गिरफ़्तार

 

उत्तर प्रदेश। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता को  शुक्रवार को विशेष जांच दाल (एसआईटी) ने गिरफ्तार कर लिया। चिन्मयानंद का असली नाम कृष्णपाल सिंह है जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोंडा में 3 मार्च 1947 को हुआ था. जिनका अब नाम स्वामी चिन्मयानंद है।  पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता को  शुक्रवार को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गिरफ्तार कर लिया। बता दे की शाहजहांपुर के लॉ कॉलेज की छात्रा  ने स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 8 साल पहले भी स्वामी चिन्मयानंद की एक शिष्या ने भी उन्हें दोषी करार करते हुए दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था. पर तब उन पर ज़्यादा कार्यवाही नहीं की गयी. लेकिन अब लॉ स्टूडेंट के साथ दुष्कर्म में उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. जिसके बाद एसआईटी से पूछताछ के दौरान चिन्मयानंद ने कबूला और कहा की " मै अपने किए पर शर्मिंदा हूँ ".

लॉ छात्रा का केस विस्तार से 

23 अगस्त- एसएस लॉ कॉलेज की 23 वर्षीय छात्रा अचानक अपने हॉस्टल से लापता हुई। 
24 अगस्त- छात्रा का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने अपहरण, यौन शोषण का आरोप स्वामी चिन्मयानंद पर लगाया।
25 अगस्त- छात्रा के पिता ने चिन्मयानंद के खिलाफ अपहरण और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी। 
26 अगस्त- स्वामी चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह ने पांच करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई। उसी दिन छात्रा की बरामदगी के लिए तीन टीमें गठित की गईं।
27 अगस्त- स्वामी चिन्मयानंद व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। 
30 अगस्त- छात्रा को उसके एक दोस्त के साथ पुलिस ने राजस्थान से बरामद कर लिया। उसी दिन छात्रा को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया। 
12 सितंबर- एसआईटी ने स्वामी चिन्मयानंद से करीब सात घंटे तक पूछताछ की। उनके शाहजहांपुर से बाहर जाने पर भी रोक लगा दी गई है।
16 सितंबर- शाहजहांपुर में जेएम प्रथम कोर्ट में छात्रा का कलमबंद बयान दर्ज किया गया। उसी दिन स्वामी चिन्मयानंद की हालत अचानक बिगड़ गई।
18 सितंबर- चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज न होने से नाराज छात्रा अपने पिता व भाई के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंची। स्वामी की गिरफ्तारी नहीं होने पर खुदकुशी करने की धमकी दी। 
19 सितंबर- स्वामी चिन्मयानंद की हालत ज्यादा बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया, जहां से उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। 
20 सितंबर- एसआईटी ने चिन्मयानंद को उनके आश्रम से गिरफ्तार कर लिया। चिन्मयानंद ने एसआईटी की पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार किया। 


 

  

Sangri Times News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें.

Related Articles