जनता की सेवा मे डटकर अनूठी मिसाल कायम कर रही है ये महिला कोरोना वॉरियर्स

चाहे एक्ट्रेस हो या चाहे पुलिस, चाहे मातृ शक्ति हो या चाहे विद्यार्थी, सब कर रहे निस्वार्थ सेवा

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सांगरी नेटवर्क जयपुर। कोरोना वायरस का कहर देश में रुकने का नाम नहीं ले रहा है. लगातार इसके मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। लॉकडाउन के बाद भी देश में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या में कमी देखने को नहीं मिल रही है। तो आइये जाने आज हम इन महिलाओं के बारे मे जो अपनी जान की परवाह नही करते हुए इस कोरोना महावारी के बीच जनता की सेवा मे डटकर अनूठी मिसाल कायम कर रही है जिनके जज्बे को हर कोई कर रहा है सलाम।
_x000D_ जो निम्न प्रकार है:

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महिला पुलिस कर्मियों के लिए दोहरी भूमिका बना लॉकडाउन

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चूरू.लॉकडाउन को गुरुवार को 30 दिन हो गए। पुरुष के साथ महिला पुलिसकर्मी भी दिन-रात ड्यूटी कर रही हैं। लॉकडाउन के दौरान महिला पुलिसकर्मी दोहरी भूमिका निभा रही है। सुबह जल्दी उठकर घर का काम करने के अलावा पाइंट पर पहुंचना दिनचर्या बन चुका है। इसमें कुछ ऐसी महिलाएं है जिनकी कफ्र्यू के दौरान पहली बार ड्यूटी लगी है। कुछ पहले भी काम कर चुकी है, लेकिन इतने लम्बे समय तक काम करना पहला अनुभव है। महिला थानाधिकारी राजेश ने बताया कि पहले कफ्र्यू में ड्यूटी लगी,लेकिन इतना लम्बे तक काम करने का पहला बार अनुभव है। उन्होंने बताया कि नौ साल की बेटी उनसे दूर है,दिन में केवल एक-दो बार फोन पर बात होती है। उसके पास जाना व बुलाना अभी संभव नहीं है। लॉकडाउन के दौरान लोगों को बेवजह नहीं घूमने के लिए समझाती है। सर्वे टीम के साथ भी जाना पड़ता है।लोगों का सहयोग भी मिला है। रात को करीब आठ बजे तक घर पहुंचती है। सुबह उठने के बाद फिर अपनी ड्यूटी पाइंट पर जाती हैं।

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नीति आयोग और सीएमओ महाराष्ट्र ने शिखा मल्होत्रा की निस्वार्थ सेवा को बताया प्रेरणादायक

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नई दिल्ली.अभिनेत्री शिखा मल्होत्रा जो करीब एक महीने से अभिनय को कुछ वक्त के लिए छोड़ वोलेंटरी नर्स बन मुम्बई के एक अस्पताल में कोरोना मरीजों की नि:शुल्क सेवा कर रही हैं उनकी इस देश सेवा में किये कार्य की 'नीति आयोग' ने एक ट्वीट जारी कर  प्रशंसा की। नीति आयोग' ने अपने ट्वीटर एकाउंट और इंस्टाग्राम आई डी से शिखा मल्होत्रा की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि "एक स्वयंसेवक के रूप में शिखा मल्होत्रा की निस्वार्थ सेवा कोरोना महामारी में नई आशा, आत्मशक्ति और नेकी का संदेश दे रही है। किसी सरकारी संस्था की ओर से आया ये दूसरा प्रशंसा संदेश है।
_x000D_ शिखा मल्होत्रा पिछली 27 मार्च से मुम्बई के जोगेश्वरी में स्तिथ हिन्दू हृदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे ट्रॉमा केअर अस्पताल के कोरोना आइसोलेशन वार्ड में बतौर नर्सिंग ऑफिसर काम कर रही हैं। शिखा ने बातचीत के दौरान बताया कि "नीति आयोग" और "CMO महाराष्ट्र" के ट्वीट संदेश से मुझे बल मिलेगा और मैं तत्पर निरन्तर अग्रसर कोरोना को हराने में अपना योगदान देने में जुटी रहूंगी ! आगे बताते हुए उन्होंने कहा कि 'हमारे अस्पताल से कल ही 30 कोरोना ग्रसित मरीज़ पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने घर लौटे हैं।

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कोरोना की जंग में मास्क बनाकर मातृ शक्ति दे रही योगदान

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कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ने में शहर की मातृशक्ति भी अपना योगदान दे रही है। महिलाओं और युवतियों की ओर से मास्क बनाकर तैयार किए जा रहे हैं। इन मास्क को पुलिस से लेकर सफाई कर्मचारियों को दिया जा रहा है। इसके अलावा फल एवं सब्जी के रेहड़े लगाने वालों को भी इन्हें बांटा जा रहा है।कोरोना वायरस महामारी के कारण शहर से लेकर देहात में मास्क की किल्लत हो गई है। वहीं आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए सुरक्षा की दृष्टि से मास्क लगाना जरूरी है। ऐसे में शहर की कुछ महिलाएं और युवतियां मास्क की कमी को पूरा करने के लिए अपने स्तर से प्रयास कर रही हैं। मातृ शक्ति अपने हाथों से मास्क बना रही हैं और जरूरतमंद लोगों को इन्हें बांट रही हैं। स्वदेशी जागरण मंच की कुछ सदस्यों की ओर से भी अपने-अपने घरों में मास्क तैयार कर इस संकट की घड़ी का डटकर सामना करने के लिए योगदान दिया जा रहा है।स्वदेशी जागरण मंच की जिला महिला प्रमुख नीरज सिंह अब तक 80 से अधिक मास्क बांट चुकी हैं।  बताया कि शुरुआत में उन्होंने घर पर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी को मास्क दिया। वही आज भी इसी कार्य मे लगातार जूटकर अपना योगदान दे रही है।

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अपनी शादी स्थगित कर कोरोना वायरस मे जूटी उतराखंड पुलिस महिला

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उत्तराखंड पुलिस की महिला दरोगा शाहिदा परवीन ने अपनी शादी स्थगित कर अपने फर्ज को तरजीह देकर एक नायाब मिसाल पेश की है।टिहरी गढ़वाल जिले के थाना मुनि की रेती में महिला उप निरीक्षक के पद पर तैनात शाहिदा आजकल लॉकडाऊन के कारण पलायन कर रहे मजदूरों के लिए बने राहत शिविर की प्रभारी हैं। शाहिदा ने बातचीत में बताया कि उनके और उनके होने वाले पति के मन में यह बात आई कि जब पूरा देश विकट परिस्थितियों से गुजर रहा है तो ऐसे में उनका भी यह कर्तव्य बनता है कि अपनी डयूटी को तरजीह दी जाए। उन्होंने कहा कि इसके चलते हम दोनों ने 5 अप्रैल को होने वाली अपनी शादी स्थगित करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि जब भी देश में हालात सामान्य होंगे तब शादी की जायेगी।उन्होंने बताया कि उनके दूल्हे के नाम शाहिद है और वह रेलवे में ट्रैवल टिकेट इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था, अशोक कुमार ने शाहिदा के इस फैसले को स्वागत योग्य बताते हुए उनके इस निर्णय की प्रशंसा की।

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50 परिवारों की मदद करेंगी अभिनेत्री प्रणिता सुभाष

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मुंबई.हंगामा 2 अभिनेत्री प्रणिता सुभाष की फाउंडेशन प्रणिता फाउंडेशन ने लॉजिकल इंडिया और एफर्ट्स 4 गुड के साथ हाथ मिलाया है।और एक पहल शुरू की है। हेल्प द हेल्पिंग हैंड्स, जहां वह 1 लाख रुपये का दान देंगी और 50 परिवारों की मदद करेंगी। संकट के इस समय में अभिनेत्री प्रणिता सुभाष ने एक नई पहल के लिए अपना समर्थन देने का फैसला किया है, जिसका उद्देश्य दैनिक वेतनभोगी लोगों को मदद पहुंचाना है, जो कोरोना वायरस से निपटने के लिए लगाए गए लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। पहल के बारे में विस्तार से बताते हुए प्रणिता सुभाष कहती हैं,"हमारे दिहाड़ी मज़दूर, हमारी घर में मदद करते हैं, नगर पालिका मज़दूर, निर्माण मज़दूर, आटो—चालकों आदि के लिए मुश्किल समय है क्योंकि उनके पास आमदनी का कोई स्रोत नहीं है। हालांकि सरकार भी कुछ कर रही है लेकिन मुझे अभी भी लगता है कि हम सभी को एक साथ आना चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए। इसकी कीमत लगभग 2000 रुपये है। प्रति परिवार और इस संकट के माध्यम से मैं प्रणिता फाउंडेशन की ओर से 50 परिवारों की मदद करूंगी। हमारी तरफ से लगभग 500 परिवारों को सहायता देने का फैसला किया गया है और इसके लिए हमें आपके सहयोग की आवश्यकता है। कृपया आगे आएं और दान करें। भले ही आप एक परिवार की मदद करें। धन का उपयोग परिवारों द्वारा दवाओं, राशन और अन्य आधार आपूर्ति खरीदने के लिए किया जाएगा।

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जयपुर के अवनी और उद्धव ने कोरोना पीड़ितों की मदद कर पेश की मिसाल

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सिर्फ पंखो से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। जी हाँ इस बात को सच साबित किया है जयपुर के गणगौरी बाजार निवासी 17 वर्षीय अवनी और 13 वर्षीय उद्धव शर्मा ने। दरअसल रोटरी क्लब जयपुर रॉयल की कोरोना के दौरान वंचित गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की हर संभव मदद की अपील सोशल मीडिया के माध्यम से इन बच्चों तक भी पहुँची। इन्होंने सोचा कि देश में व्याप्त इस महामारी और संकट की घड़ी में हमें भी कुछ करना चाहिए और दोनों बच्चों ने अपनी वर्षों की जमा बचत को गरीब एवं जरूरतमंद की सहायतार्थ दे दिया। अवनी और उद्धव ने बताया कि उन्होंने कई वर्षों से सिक्के सिक्के करके अपनी बचत जमा की थी। आज समय आ गया है कि हम अपने सपनों को त्याग कर इन पैसों से कोरोना महामारी से लड़ने में कुछ तो योगदान कर ही सकते हैं और इसी सोच और विश्वास के साथ हमने अपनी गुल्लक तोड़ दी। हालांकि दोनों बच्चों के सामने अब समस्या थी कि यह पैसे कर्फ्यू ग्रस्त क्षेत्र से रोटरी क्लब तक कैसे पहुंचाये। क्योंकि परकोटा क्षेत्र में इस कोरोना महामारी के चलते कर्फ्यू लगा हुआ है। लेकिन कहते हैं ना जहां चाह, वहां राह होती है। बच्चों ने समस्त जमा पूंजी लगभग 4000/- पिता को  समर्पित कर दिए कि आप इन्हें अपने पास रखकर अपने बैंक खाते से रोटरी क्लब को भेज दीजिए ताकि समय पर इस धनराशि का उपयोग हो सकें। बच्चों ने बताया कि इनके माता-पिता और खास तौर पर इनकी दादी ललिता शर्मा जिनकी प्रेरणा से इन्होंने अपनी जेब खर्च जमा करने शुरू किए थे और उन्हीं की प्रेरणा से इनको आज यह प्रेरणा हुई कि हमें भी देश के लिए कुछ करना चाहिए। क्लब जयपुर रायल इन एकत्रित धन से महामारी में मेडिकल स्टाफ व पुलिस स्टाफ के लिए प्रोटेक्शन किट उपलब्ध कराने के साथ जरूरतमंदों को भोजन वितरण कराने का सकारात्मक कार्य कर रहा है।


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