जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाया जाए - ग्रामीण विकास मंत्री




ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री रमेश चन्द मीणा ने कहा कि विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचना सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों से लेकर ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को भी अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचे इसके लिए कार्यो में गुणवत्ता व पारदर्शिता बरतते हुए अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन करे और जरूरतमंद के घर तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें। 

पंचायती राज मंत्री श्री मीणा शुक्रवार पाली जिले में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक के आरंभ में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को शतप्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के लिए और अधिक गति से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की महत्ती योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को मिले इसके लिए अधिकारी गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य सम्पादित करे और जरूरतमंदों तक जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाए।

उन्होंने कहा कि विभाग की योजनाओं में किसी प्रकार का भाई भतीजा वाद नहीं चले इसके लिए अधिकारी निगरानीकर्ताओं का चयन करते समय वरीयता का निर्धारण कर उचित मापदण्ड़ों पर उन्हें परखें। व्यक्तिगत लाभ के कामों में जरूरतमंद को प्राथमिकता दी जाए। इससे उनकी आजीविका चलने के साथ आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। उन्होंने विभागीय कामकाज में महिला मेटों को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए ग्रामीण क्षेत्र में मस्टररोल के अनुरूप कार्यो पर श्रमिकों की हाजरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय कामों में 40ः60 का अनुपात रखने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी काम पर खर्च होने वाले बजट में से 40 प्रतिशत राशि सामग्री एवं 60 प्रतिशत राशि रोजगार पर खर्च की जाए। उन्होंने व्यक्तिगत लाभ के कामों को प्राथमिकता देते हुए खेल मैदान, कब्रिस्तान, चारागाह, मॉडल तालाब, मेड बंदी कामों को प्राथमिकता से स्वीकृत कर समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण के निर्देश दिए। साथ ही इन कार्यो पर लगे श्रमिकों के मजदूरी का भुगतान उनके खातों में चला जाए इसकी सुनिश्चितता करने की बात कहीं। उन्होंने मजदूरी के भुगतान पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रति मजदूर 221 रुपये की प्रतिदिन मजदूरी तय है लेकिन जिले में मजदूरी का औसत 168 रुपये ही आ रहा है। इसके लिए सही तरीके से चौकडी बनाने व माप करने के भी निर्देश दिए ताकि मजदूरी को उनकी मजदूरी का उचित भुगतान मिल सके। उन्होंने कहा कि पाली जिले में सड़क व अन्य विकास कार्यो की गुणवत्ता के मापदण्ड में कमी दिखाई दे रही है जबकि दो विकास अधिकारी इंजीनियर लगे हुए है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यो में तकनीकी मापदण्ड़ों की पूर्ण पूर्ति की जाए ताकि लोगों को उसका पूरा लाभ मिल सके। 

ग्रामीण विकास मंत्री ने पिछले सालों के अपूर्ण कार्य समय पर पूर्ण कराने के बाद ही नये काम मंजूर करने की जरूरत बताते हुए कहा कि मनरेगा के कामों में मौके पर श्रमिकों के नहीं होने के बावजूद मस्टररोल में फर्जीवाडा किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऎसे कामों पर पात्र गरीब के हाथों को काम मिले इसके लिए गंभीर प्रयास किए जाने आवश्यक है। मंत्री श्री मीणा ने राजीविका प्रजेंटेशन नहीं होने तथा जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों का निरीक्षण करने के लिए जयपुर से भेजी गई टीमों की रिपोर्ट पर नाराजगी प्रकट की। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं में हो रहे लीकेज को रोककर सभी कामों में पारदर्शिता लाई जाए। गलत काम करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जिले में गांवों का विकास समान रूप से हो इसके लिए अधिकारी संबंधित जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय रखते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण से कार्य करे। 

मंत्री श्री मीणा ने ग्रामीण विकास विभाग की प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी व ग्रामीण, सांसद स्थानीय निधि योजना, विधायक स्थानीय विकास योजना, मगरा क्षेत्र विकास योजना, मुख्यमंत्री नवाचार निधि, महात्मा गांधी जन विकास योजना, मनरेगा, शौचालय निर्माण, ओडीएफ पंचायतों, एक पंचायत-चार काम, जलग्रहण क्षेत्रों में चल रहे कार्यो की जानकारी लेकर उन पर उपलब्ध करवाए जा रहे रोजगार पर चर्चा की।

ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव डॉ के.के. पाठक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास के तहत जिले मेें चल रहे कार्यो में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखे। इसके साथ ही स्वीकृत कार्य समय पर पूर्ण हो जाए इसकी आवश्यक रूप से पालना करे। उन्होंने कहा कि मगरा क्षेत्र विकास के स्वीकृत कार्य की राशि का समय पर समयोजन किया जाए ताकि नवीन कार्यो के लिए बजट उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा समय समय पर जारी किए गए निर्देशों के अनुरूप पात्र व्यक्ति को आवश्यक रूप से योजनाओं का लाभ मिल जाए। उसकी अनुरूप काय स्वीकृत कर उन्हें पूर्ण करवाया जाए। 

बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामप्रकाश, अधीक्षण अभियंता हीरालाल अहीर, अधीक्षण अभियंता नरेगा राजेन्द्र धोलिया व पीसी सुराणा सहित विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी एवं विकास अधिकारी मौजूद रहे। 




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