बंगाल के विकास के लिए भाजपा की जीत के बढ़ते कदम : डॉ कृष्ण कुमार झा

सूरत : अगले साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। सभी राजनैतिक दल अपने पुरे दलबल के साथ चुनाव में उतरने की तैयारी हैं।पश्चिम बंगाल का स्वर्णिम राजनैतिक इतिहास रहा है। कभी कम्युनिस्टों का गढ़ कहे जाने वाले इस राज्य में अब तृणमूल कांग्रेस का कब्ज़ा है। लेकिन अब वहां की राजनैतिक हवा बदली है। केंद्रीय गृह मंत्री एवं भाजपा के मुख्य रणनीतिकार श्री अमित शाह ने बीते 25 अप्रैल 2017 को नक्सलबाड़ी से बंगाल विजय की शुरूवात कर दी थी। अमित शाह ने तब से अब तक हर महीने अपने तीन दिन के बूथ प्रवास के दौरान कार्यकर्ताओं से संपर्क किया और भाजपा को मजबूत बनाने का काम किया। इस प्रवास में उन्होंने संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, बूथ विस्तारक, बंगाल के पत्रकार, प्रबुद्ध वर्ग साहित अनेक लोगों से संपर्क किया जिसका परिणाम लोकसभा चुनाव में साफ दिखाई दिया।

पश्चिम बंगाल के लोगो ने दुनिया के हर कोने में अपनी नई पहचान बनाई है। बंगाल का हर एक व्यक्ति विभिन्न कलाओं से भरपूर है। केवल पश्चिम बंगाल में हीं वह कई प्रकार की सुविधाओं से वंचित है जिससे वहां का हर एक आम नागरिक आज उन्नति के मुकाम पर होता। मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीती की माहिर वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सरकार ने कभी उनके उन्नति के लिए नहीं सोचा। कला,शिक्षा होने के बावजूद पश्चिम बंगाल के लोग अभी तक कई तरह के डेवलपमेंट (विकास) से वंचित हैं।  भाजपा नेता और राजनैतिक विश्लेक्षक डॉ.कृष्ण वरुण कुमार झा ने अपने विचार प्रकट किये हैं। मीडिया के साथ एक संवाद के दौरान बातचीत में कई प्रकार के समीकरण सामने आए हैं।

डॉ. कृष्ण कुमार झा द्वारा दिए गए सुझाव और और विश्लेषण की माने तो आने वाले बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा बहुत सुखद स्थिति में पहुँच चुकी है। राजनैतिक रणनीति को धीरे धीरे आगे बढ़ाते हुए सभी वरिष्ठ भाजपा नेताओं का तीन - तीन दिन का प्रवास और रोड साथ रैलियां इस बाद कई हद तक भाजपा को जीत की ओर बढ़ा सकती है। 

डॉ. कृष्ण कुमार झा का कहना है की भाजपा अभी तक बेहद सही तरीके से कार्य कर रही है और रूलिंग पार्टी को तोड़ना हीं अपने आप में एक उपलब्धि है।  आखिर खुद हीं सोचिए  की यदि भाजपा में सही नेता और भाजपा द्वारा सही कार्य नहीं होते, तो विपक्षी दलों के नेता भी क्यों भाजपा में आते। कोरोना जैसी महामारी को मद्देनज़र रखते हुए ममता बनर्जी की विफलता व धर्मनिरपेक्षता भी भाजपा के जीत का कारण बन सकती है।  

डॉ झा का कहना है  कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की मजबूती के साथ-साथ अब राजनीती  नयी करवट ली है। ममता बैनर्जी को नंदीग्राम आंदोलन से उठाकर मुख्यमंत्री बनाने वाले तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी बीते दिनों मिदनापुर की भाजपा रैली में अमित शाह की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हो गए। शुभेंदु अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी और भाई दिव्येंदु क्रमश: तामलुक और कांठी लोकसभा क्षेत्रों से तृणमूल कांग्रेस के सांसद हैं। अधिकारी परिवार का करीब 40-50 विधानसभा क्षेत्रों में अच्छा खासा प्रभाव है।  इनमें पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुरा, पुरूलिया, झारग्राम, वीरभूम के कुछ हिस्से और अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले के इलाके शामिल हैं। अब यहाँ भाजपा भी और अधिक मजबूत हुई है माना जा रहा है  इन क्षेत्रों से भाजपा की जीत सुनिश्चित हो गयी है।  भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी   पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है।   

डॉ कृष्ण कुमार झा के अनुसार जनता की ताकत से आने वाले दिनों में बंगाल में बनने वाली भाजपा की सरकार केवल रोटी, कपड़ा और मकान वाली नहीं बल्कि शिक्षा, बढ़ोतरी और उन्नति वाले कार्य करेगी। सरकार उनके लिए वह सभी कार्य करेगी जिसके वह हकदार हैं।  भाजपा की सरकार वहां के हर एक व्यक्ति के कला और बुद्धि का इस्तेमाल कर उन्हें विकास की ओर बढ़ाएगी। 

उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों को यह खुद सोचना चाहिए की ममता बनर्जी की सरकार में उन्हें क्या मिला है ? आपको बता दें कि आपका सोनार बांग्ला भी आपसे छीना जा चूका है। जब केंद्र और राज्य सरकार एकत्र होगी तब पश्चिम बंगाल भी उन्नत की ओर बढ़ेगा। अब समय ऐसा है जब बंगाल के नागरिकों को खुद में झाँकने की आवश्यकता है, की उनकी सभ्यता, उनके दिमाग और उनकी कला में कितनी खूबसूरती है।  प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कितने राज्यों की दशा बदल दी गयी है, कई राज्यों ने विकास को महसूस किया। तो आखिर बंगाल इस विकास से वंचित क्यों रहे।  

 डॉ. कृष्ण कुमार झा के अनुसार इस समय जब देश कोरोना से लड़ते हुए भी तेजी के साथ आर्थिक विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है तो पश्चिम बंगाल को बड़ी छलांग लगाने की आवश्यकता है, पश्चिम बंगाल अबतक सभी राज्यों से पिछड़ा हुआ है और ममता बनर्जी ने अभी तक आखिर इतने सालों में क्या किया यह वहां के नागरिकों को सोचने की आवश्यकता है। 

भाजपा चाहती है की जब देश के सभी राज्य उन्नत की ओर बढ़ते जा रहे हैं तो बंगाल को पीछे क्यों छोड़े।  श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा बनाई गयी यह नीव बंगाल को भूल गयी यह हमारी गलती थी और अब भाजपा यह गलती सुधार कर श्यामा प्रसाद मुख़र्जी के दिखाए रह पर पश्चिम बंगाल के लोगों को भी चलाएंगे। 

बाकी के विपक्षी दल केवल लड़ने और मारने की राजनीती करते है। लोगों के भाव से खेल यह बस उन्हें अपने कहानियों द्वारा भटकाते हैं। विपक्षी केवल पार्टी बदलते रहते हैं। 

पूरे देश की उन्नति का श्रेय केवल बंगाल को जाता है, क्योंकि श्यामा प्रसाद मुखर्जी  के दिखाए गए राह पर हम पूरे देश को चला रहे हैं लेकिन जहाँ से इसकी शुरुआत हुई वही राज्य इससे वंचित रह गया।  

टीएमसी, कांग्रेस, और कई पार्टियों ने बंगाल को केवल अपने फायदे के लिए जीतने की कोशिश की है। हमेशा उन्हें अपने बातों में फसा कर केवल अपने रिश्तेदारों के लिए सीट रिज़र्व करती है।  लेकिन आखिर कबतक यह वंशवाद चलता रहेगा। कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विषय में सोचिए की आखिर कैसे वह सच्चे देशभक्तों को अपने देश में कार्य करने के लिए चुनते हैं, न की अपने किसी रिश्तेदार को। 

पश्चिम बंगाल की जनता भावुक ज़रूर है लेकिन बेवकूफ नहीं। उन्हें बस यह समझना ज़रूरी है कि वह कितने प्रतिभाशाली हैं और उनके राज्य में कितने हीं प्रकार की सभ्यताएं हैं जो बंगाल को सभी राज्यों में से खूबसूरत बनाती है।  बस ज़रूरत है तो सही राह दिखाने वाले की और अपने फायदे की नहीं बल्कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी,खुदीराम बोस और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सपने को पूरे करने वाले की।


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