उद्योग मंत्री ने की अजमेर जिले के औद्योगिक विकास के संबंध में चर्चा


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उद्योग, मंत्री श्रीमती शकुन्तला रावत ने अजमेर जिले के औद्योगिक विकास के संबंध में स्थानीय जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ चर्चा की।

मंत्री श्रीमती रावत ने मंगलवार को अजमेर के सर्किट हाउस मेें इन्वेस्ट राजस्थान समिट के माध्यम से जिले का औद्योगिक विकास करने के संबंध में विचार विमर्श का कार्यक्रम रखा। इसमें उन्होंने विधायकों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में उद्यमों की स्थापना कर रोजगार के अवसरों में वृद्धि करने के लिए संकल्पबद्ध है। प्रत्येक जिले में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय उपलब्धता एवं आवश्यकताओं का आकलन कर योजनाबद्ध विकास पर जोर रहेगा। स्थानीय निवासियों को घर के पास रोजगार उपलब्ध कराने में उद्यमों की स्थापना मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने कहा कि जिले में जिला स्तरीय इन्वेस्ट समिट का आयोजन किया गया। इसमें 4308.27 करोड़ के एमओयू किए गए। इसमें 240 से अधिक ईकाईयों के प्रस्तावों पर एमओयू हुए। इनमें से 14 ईकाईयों का शुभारम्भ 24 जनवरी को राज्य स्तरीय इन्वेस्ट समिट 2022 में होगा। इनके द्वारा 278.3 करोड़ की राशि का निवेश किया जाएगा। इन ईकाईयों का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। ये अपना उत्पादन इसी माह से आरम्भ करेंगी। इनमें बॉल बेयरिंग, उत्पादन से जुड़ी टिकावड़ की एसआरसीटी गलोबेक्स, पेपर बलेंक एवं बटन उत्पादन से जुड़ी पालरा की पाश्र्वनाथ पेपर्स, स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी के.जी. मेडीसीटी, रिसोर्ट से जुड़ी पेराडाईज वेन्चर तथा टेक्सटाईल से जुड़ी ढ़ाणी पुरोहितान किशनगढ़ की विनायक विविंग मिल की ईकाईयां शामिल हैं। इसके अलावा मार्बल, ग्रेनाईट, मिनरल एवं टाईल्स से सम्बन्धित मेलेनियम मार्बल खातौली, हाई स्टोन मार्बल हरमाड़ा रोड़, परवान स्टोन वल्र्ड मकराना रोड़, गिरीराज ग्रेनाईट रहीमपुरा, ग्लोबल माईनकेम बुबानी, कुण्टुनाथ ग्रेनाईट मकराना रोड़, चण्डक मार्बल काली डूंगरी, राना क्वार्टज रहीमपुरा एवं आरटीएम ग्रेनाईट खातोली की ईकाईयां भी अपना उत्पादन आरम्भ करेगी।

उन्होंने कहा कि राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत देय एवं जमा एसजीएसटी का 75 प्रतिशत, श्रमिकों के ईपीएफ अथवा ईएसआई के नियोक्ता के अंशदान का न्यूनतम 50 प्रतिशत पुनर्भरण, विद्युत कर, मण्डी शुल्क, भूमि कर में सात वर्षों के लिए 100 प्रतिशत छूट तथा स्टाम्प ड्यूटी व भूमि रूपान्तरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट अथवा लाभ के प्रावधान किए गए है।

किशनगढ़ विधायक श्री सुरेश टांक ने निजी औद्योगिक क्षेत्रों में जीएसएस स्थापना के लिए भूमि  आरक्षित करना अनिवार्य करने के सम्बन्ध में अपने विचार रखे। इसके लिए सक्षम स्तर से नियम निर्धारित किए जाए। इस प्रकार के औद्योगिक क्षेत्र रिको को हस्तान्तरित करने से पूर्व डवलपमेन्ट चार्ज जमा करना सुनिश्चित किया जाए। 

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिधियों ने भी विचार व्यक्त किये।

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