दो लेन से कम चौड़ाई वाले राज्य राजमार्गों के चौडाईकरण के प्रस्ताव शीघ्र तैयार होगे - सार्वजनिक निर्माण मंत्री




सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री श्री भजनलाल जाटव ने सोमवार को पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में संभागवार विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में श्री जाटव ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए कि दो लेन से कम चौड़ाई वाले राज्य राजमार्गों के चौड़ाईकरण के प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय को शीघ्रातिशीघ्र भिजवाये जाने चाहिए एवं विभाग के प्रत्येक कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

श्री जाटव ने कहा कि राज्य में कई राज्य राजमार्ग ऎसे है जिनकी चौड़ाई 3.75 मीटर से 5.5 मीटर तक है। उन्होंने सबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिए कि ऎसी सड़को, जिनकी चौड़ाई मापदण्डानुसार कम है, उनकी सूची बना कर उनके चौड़ाईकरण के प्रस्ताव शीघ्र तैयार किए जाए।

श्री जाटव ने बैठक में विडियों कॉन्फ्रेन्स द्वारा जुड़े राज्य स्तर पर सभी मुख्य अभियंता, संभाग स्तर पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता एवम  जिला स्तर पर अधीक्षण अभियंताओं को यह सुझाव दिया कि बरसात से पूर्व ही पैच मरम्मत कार्य पूर्ण करवाये जाने चाहिए। साथ ही कार्य की प्रगति धीमी होने पर व गुणवत्ता में कमी होने पर संबंधित संवेदकों के विरूद्व अविलम्ब कार्रवाई की जानी चाहिए। 

उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं से जुडें अधिकारियों एवं ठेकेदारों को कार्यों की गति बढ़ाने, क्वालिटी में सुधार एवं कार्यों को समयबद्ध पूर्ण करने हेतु निेर्देशित किया।

बजट की तैयारी को लेकर उन्होंने प्रत्येक जिले से आगामी बजट में विचार करने हेतु प्रस्ताव अविलम्ब भिजवाये जाने के साथ ही प्रत्येक जिले से लोकार्पण-शिलान्यास कार्यों की सूची भिजवाने का कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए ।

राजस्थान की जनता को अच्छी सड़के मुहैया कराने के सरकार के लक्ष्य को साझा करते हुए श्री जाटव ने कहा कि सड़को का निरीक्षण समयबद्व तरीके से हो एवम गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो। उन्होंने कहा कि रिडकोर की सड़कों का भी नियमित निरीक्षण कर मापदण्डानुसार रख-रखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए साथ ही विभाग के अधीन सभी टोल सड़कों का रख-रखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए एवं मापदण्डानुसार रख-रखाव न करने वाले रियायतग्रहियों के विरूद्व नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। 

डीएलपी सड़कों का नियमित निरीक्षण करते हुए उनका रख-रखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए एवं नियमानुसार रख-रखाव न करने वाले संवेदकों के विरूद्व कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही जिन सड़कों की डीएलपी अवधी आगामी 03 माह में समाप्त हो रही है उनका विशेष रूप से निरीक्षण कर मापदण्डानुसार रख-रखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए। 

बैठक में श्री चिन्नहरि मीना, शासन सचिव, श्री डीआर मेघवाल, मुख्य अभियन्ता एनएच व पीपीपी, श्री सुबोध मलिक, मुख्य अभियन्ता भवन, श्री सुनील जयसिंह, मुख्य अभियन्ता पीएमजीएसवाई, श्री संदीप माथुर, एमडी आरएसआरडीसी एवम अन्य अधिकारी उपस्थित थे । 



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