कौशल विकास एवं उद्यमित मंत्री ने स्वर्गीय श्री प्रभु दयाल अग्रवाल की 100वीं जयन्ति पर उनकी डाक टिकट जारी की

जयपुर। श्री प्रभु दयाल अग्रवाल, ट्रांसपोर्ट काॅरपोरेशन आॅफ इंडिया (टीसीआई) के संस्थापक, जो कि जन्मजात नेता एवं परोपकारी व्यक्ति थे, जिन्होंने अपने जीवन का समाज की बेहतरी में योगदान दिया। श्री पी. डी. अग्रवाल को आज एक वर्चुअल मंच पर कौशल विकास एवं उद्यमिता, मत्री डाॅ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय द्वारा एक डाक टिकट जारी कर उनकी 100वीं जयन्ति पर पर उनके योगदान के लिए सममित किया। श्री दुष्यंत मुदग्ल, निदेशक डाक-संबंधी सेवाएं, डाक विभाग द्वारा श्री डी. पी. अग्रवाल, चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, टीसीआई के साथ कस्टमाइज्ड माई स्टैम्प एवं स्पेशल कवर का अनावरण किया। इस अवसर पर श्री प्रमोद जैन, विधायक, राजस्थान सहित श्री विनीत अग्रवाल, प्रबंध निदेशक, टीसीआई और श्री चंदर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक, टीसीआई एक्सप्रेस लिमिटेड इस दौरान उपस्थित रहे।
डाॅ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि, “श्री पी. डी. अग्रवाल उद्यमी या एक संगठन के संस्थापक ही नहीं अपितु हमेशा खुद एक सामाजिक उद्यम थे, जो हमेशा अपनी मिट्टी से जुड़े रहने के लिए केन्द्रित रहते थे। वह जरूरतमंदों की भलाई या देश की प्रगति के लिए अपनी क्षमता से कुछ भी करने के लिए तत्पर थे। स्वर्गीय श्री प्रभु दयाल अग्रवाल ने सबसे बड़ी एवं सबसे प्रशंसित परिवहन कंपनी ट्रान्सपोर्ट काॅरपोरेशन आॅफ इंडिया (टीसीआई) की स्थापना की। संस्था ने भारत में देश के दूरस्थ भागों को जोड़ने की एक नींव रखी थी। स्वर्गीय श्री पी. डी. अग्रवाल द्वारा कोलकाता से शुरू कर गई यात्रा पूरे भारत में पहुँची और अब उनके प्रयासों के कारण संस्था विश्व स्तर पर प्रशंसित है। स्वर्गीय श्री पी. डी. अग्रवाल ने हमेशा अपनी मिट्टी के लोगों की शिक्षा एवं सामाजिक भलाई के माध्यम से सशक्तिकरण पर ध्यान केन्द्रित किया। डाॅ. महेन्द्र ने महान श्री पी. डी. अग्रवाल के 100वें जन्म समारोह के अवसर पर उन्हें आमंत्रित करने के लिए टीसीआई परिवार को धन्यवाद दिया और विषेश रूप से निर्मित डाक टिकट के अनावरण का अवसर दिया।”
दुष्यंत मुदग्ल, निदेशक डाक-संबंधी सेवाएं ने कहा कि, “मैं उस व्यक्ति की 100वीं जयन्ति के उपलक्ष्य में आमंत्रित होने के लिए अत्यंत आभारी हूँ, जिनके आर्दश एवं दर्शन हमेशा प्रेरणा के óोत रहे हैं। स्वर्गीय श्री पी. डी. अग्रवाल जी का मानना था कि जीवन दूसरों की भलाई करने का अच्छा अवसर है। पीडी जी परिवहन संरचना को ग्राहक केन्द्रित बनाने में विवेकपूर्ण थे। अपने देने एवं सभी प्रति दयालू स्वभाव के कारण इन्होंने सभी कोनों से लोगों को टीसीआई में शामिल कर लिया। उन्होंने जनसाधारण के अच्छे के लिए कई सामाजिक एवं परोपकारी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की। श्री अग्रवाल सीआईआई, फिक्की, एसोचैम एवं पीएचडीसीसीआई सहित विभिन्न चैम्बर आॅफ काॅमर्स से भी जुड़े थे, जहां उन्हें ऐ व्यक्ति रत्न के रूप में हमेशा सराहा गया। अपने 52 साल से अधिक के काॅरपोरेट जीवन के दौरान, उन्होंने असंगठित लोजिस्टिक्स् क्षेत्र को संगठित में विकसित करने में योगदान दिया था, यह सुनिश्चित करके कि किसी भी नियंत्रणीय कार्रवाही के कारण किसी को भी नुकसान नहीं हो।”
स्वास्थ्य एवं शिक्षा में स्वर्गीय श्री पी. डी. अग्रवाल के योगदान को देखते हुए और स्वास्थ्य की दृष्टि से लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए उनके बेटे डाॅ. अशोक अग्रवाल ने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए, 1984 में इंडियन इंस्टिट्यूट आॅफ हैल्थ मैनेजमेंट एण्ड रिसर्च (आईआईएचएमआर) की स्थापना की। आईआईएचएमआर समूह में आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी, जयपुर; आईआईएचएमआर दिल्ली और आईआईएचएमआर बैंगलोर शामिल हैं, जिन्हें देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक माना जाता है, जो स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल और विकास क्षेत्रों में प्रबंधंन, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं स्नातकोत्तर शिक्षा में लगे हुए हैं।
 




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