ग़रीबी से निकल कर देश की शान कैसे बना यह वीर तेजा पुत्र हीरानंद... - Sangri Times

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ग़रीबी से निकल कर देश की शान कैसे बना यह वीर तेजा पुत्र हीरानंद कटारिया

जयपुर। हमने बहुत सी कहानियां देखी है और सुनी है चाहे वह फिल्मी कहानियां ही हो। जैसे गरीबी से निकल कर कुछ देश के लिए कर जाना। कितनी मुसीबतें आए उनसे हार ना मानकर लड़ जाना। ऐसी ही कहानी है एक खिलाड़ी हीरानंद कटारिया की जो कि भारत के पूर्व कब्बडी प्लेयर रह चुके है और देश को गोल्डमेडल भी दिलवा चुके है। छोटे से कस्बे से ज़िन्दगी शुरू हुई। कहाँ जाना था क्या करना था कुछ पता नहीं था बस एक नई किरण जगी और कब्बडी का आगाज़ जीवन में शुरू किया। 
कितनी मुश्किल कितनी कठिनाइयां आती होगी , यह हर परेशानी हर एक खिलाड़ी के जीवन में आती है और जो हार ना मानकर  उनसे लड़ जाता है वह देश की शान बन जाता है।

हीरानंद कटारिया का जन्म छोटे से कस्बे बिष्णावला, जयपुर में किसान परिवार में हुआ। धूप में कड़ी मेहनत कई दिन तक भूखा रहना ऐसी ऐसी मुश्किलों से भी गुजरना पड़ा है। 1995 में इंडिया को गोल्ड मैडल जीता कर अपना सपना पूरा किया। उनके आदर व्यवहार बहुत अलग है लोगो के लिए हीरानंद कटारिया खड़े है। गरीब तबके की खिलाड़ी से लेकर या उन्हें फ्री में ट्रैनिंग देकर, वह पूरी मेहनत उन बच्चो में झोक देते है ताकी उन्हें जो कठिनाइयां देखनी पड़ी है और को नहीं देखनी पड़े।

एमएस के पंकज ने बताया  कि उन उपर बायोग्राफी फिल्म "वीर तेजा पुत्र" का निर्माण किया जा रहा हैं।  फिल्म का नाम वीर तेजापुत्र नाम रखने पर बताया कि हीरानंद सर के ऊपर श्री वीर तेजा जी की असीम अनुकम्पा है , इसलिए उन्ही के नाम पर फिल्म का नाम रखा गया। मुझे बहुत खुशी है और सौभाग्य प्राप्त हुआ की में इतने महनसक्ष के जीवन के उपर आधारित फिल्म बना रहा हूं । एमएस के पंकज ने बताया मूवी के कुछ पार्ट्स कंपलीट हो गए है और शूटिंग जारी हैं। 

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