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क्या अभी भी सचिन पायलट से डरे हुए हैं अशोक गहलोत? 12 अगस्त को भी दोनों का मिलान नहीं

जैसलमेर - गहलोत समर्थक विधायक जयपुर पहुंचे। 14 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र तक होटल फेयरमोंट में ही रहेंगे।

होटल फेयरमोंट से पायलट गुट के विधायकों को दूर रखा।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थक कांग्रेस और निर्दलीय विधायक 12 अगस्त को जैसलमेर से जयपुर लौट आए हैं। लेकिन 100 विधायकों को अभी घर जाने की इजाजत नहीं मिली है। इन विधायकों को विशेष विमान से जयपुर ले आया गया,
सभी विधायकों को सीधे होटल फेयरमोंट ले जाया गया। इसी होटल से गत 31 जुलाई को विधायक जैसलमेर की सूर्यागढ़ होटल में पहुंचे थे। कहा जा रहा है कि अब इन विधायकों को 14 अगस्त तक इसी होटल में रखा जाएगा। विधानसभा सत्र भी 14 अगस्त से ही शुरू हो रहा है। हो सकता है कि सत्र के पहले दिन ही सीएम अशोक गहलोत सरकार का शक्ति परीक्षण करवा लें। हालांकि सचिन पायलट और उनके समर्थक 18 विधायक अब राजी खुशी जयपुर लौट आए हैं, इसलिए शक्ति परीक्षण में सफल होने में कोई परेशानी नहीं है। 200 सदस्यों में से 107 सदस्य तो कांग्रेस के ही हैं। कांग्रेस को 13 निर्दलीय और छोटे दलों का भी समर्थन है। लेकिन जैसलमेर वाले विधायकों को जिस तरह अभी भी होटल में रखा गया है, उससे यह सवाल उठता है कि क्या अभी अशोक गहलोत को सचिन पायलट से डर है? हालांकि गांधी परिवार ने गत 10 अगस्त को ही सचिन पायलट को दिल्ली में मना लिया था और पायलट भी अपने बागी तेवर छोड़कर जयपुर लौट आए। पायलट ने अपने समर्थक 18 विधायकों को भी खुला छोड़ दिया। लेकिन अभी भी सीएम गहलोत को पायलट पर भरोसा नहीं हो रहा है। गहलोत पिछले एक माह से जिस दौर से गुजर हैं, उसमें कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। गहलोत चाहते हैं कि एक बार विधानसभा में बहुमत साबित करने के बाद छह माह तक के लिए निश्चित हो जाएं। भले ही कांग्रेस हाईकमान ने पायलट को राजी कर लिया हो, लेकिन राजस्थान में पायलट और गहलोत के बीच भरोसा कायम नहीं हुआ है।

12 अगस्त को भी नहीं हुआ मिलान:

पायलट 11 अगस्त को ही दिल्ली से जयुपर आ गए थे, लेकिन सीएम गहलोत से उनकी मुलाकात 12 अगस्त को भी नहीं हो सकी। 11 अगस्त को शाम पांच बजे जब पायलट जयपुर पहुंचे तो इससे पहले ही गहलोत जैसलमेर पहुंच गए। 12 अगस्त को समर्थक विधायक तो जैसलमेर से जयपुर आ गए, लेकिन गहलोत जैसलमेर से जोधपुर पहुंच गए। गहलोत पहले जोधपुर के निकट देचू गांव पहुंचे है। इसी गांव में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत हो गई थी। गहलोत अपने गृह जिले जोधपुर में कोरोना संक्रमण को लेेकर बैठक भी कर रहे है। शाम तक जोधपुर में ही रहेंगे।
भले ही दोनों नेताओं की व्यस्तता नजर आए, लेकिन दोनों में सीधा संवाद नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। गहलोत के समर्थक विधायक और मंत्रियों ने साफ कहा है कि अब बागियों को सकार और संगठन में कोई पद नहीं दिया जाए। वहीं पायलट लगातार कह रहे हैं कि हमने जो वायदे विधानसभा चुनाव में किए थे, उन्हें पूरा किया जाना चाहिए।

पायलट गुट के विधायक दूर:

जयपुर की होटल फेयरमोंट में सीएम अशोक गहलोत के समर्थक सभी सौ विधायक वापस आ गए हैं। लेकिन अभी तक भी कांग्रेस के इन विधायकों के साथ सचिन पायलट गुट के विधायकों को नहीं रखा गया है। हालांकि पायलट के नेतृत्व में दिल्ली जाने वाले सभी 18 कोंग्रेसी विधायक जयपुर लौट आए हैं, लेकिन इन विधायकों को होटल फेयरमोंट में आमंत्रित नहीं किया गया है। इसी प्रकार जो तीन निर्दलीय विधायक दिल्ली गए थे, उन्हें भी अभी तक होटल फेयरमोंट में नहीं बुलाया है। हालांकि इन तीनों निर्दलीय विधायक सुरेश टाक, ओम प्रकाश हुड़ला और खुशबीर सिंह ने 11 अगस्त को सीएमआर पहुंच कर मुख्यमंत्री गहलोत का आशीर्वाद लिया था। पायलट से जुड़े विधायकों को दूर रखने से प्रतीत होता है कि अभी दोनों गुटों में तालमेल नहीं हुआ है।

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