भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी के छात्र मोल्दोवा की एग्रीकल्चर स्टेट यूनिवर्सिटी में करेंगे इंटर्नशिप

• मोल्दोवा, यूरोप की एग्रीकल्चर स्टेट यूनिवर्सिटी में इंटर्नशिप के लिए चुने गए भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी के 4 छात्र
• इन छात्रों के लिए सर्टिफिकेशन समारोह 18 फरवरी, 2020 को भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी, जयपुर में किया गया आयोजित
• छात्र बीएसडीयू में स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्किल से हैं और 1 मार्च 2020 से 31 मई 2020 तक करेंगे इंटर्नशिप।
जयपुर: भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी के 4 छात्रों को मोल्दोवा, यूरोप की एग्रीकल्चर स्टेट यूनिवर्सिटी में इंटर्नशिप के लिए चुना गया है। ये छात्र बीएसडीयू में स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्किल से हैं। इन छात्रों के लिए बीएसडीयू में सर्टिफिकेशन का समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में बीएसडीयू के प्रो चांसलर डॉ. (ब्रिगेडियर) सुरजीत सिंह पाब्ला, बीएसडीयू के कुलपति डॉ. अचिन्त्य चैधरी और स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स के प्रिंसिपल डॉ. रवि गोयल मौजूद रहे।
मोल्दोवा यूनिवर्सिटी में उनकी इंटर्नशिप 1 मार्च से शुरू होकर 31 मई 2020 तक चलेगी जहां छात्र मोल्दोवा में काम करने की तकनीक सीखेंगे। छात्र मोल्दोवा में अपना कोई कारोबार शुरू करने के बारे में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की जानकारी भी हासिल करेंगे।
बीएसडीयू के प्रो चांसलर डॉ. (ब्रिगेडियर) सुरजीत सिंह पाब्ला ने कहा, ‘‘बीएसडीयू के छात्रों को इस अवसर से बेहद लाभ होगा और उन्हें अंतरराष्ट्रीय आधुनिक व्यवसायों की तकनीकों के बारे में और अधिक सीखने का मौका मिलेगा, जो उनके कॅरियर के लिए महत्वपूर्ण होगा। विश्वविद्यालय में उन्हें प्रशिक्षित करने के अलावा, हम उन्हें अपने फील्ड का अनुभव प्राप्त करने के लिए उद्योग में भी भेजते हैं, इसी सिलसिले में हमारे छात्रों को मोल्दोवा, यूरोप के एग्रीकल्चर स्टेट यूनिवर्सिटी में एक समान अनुभव मिलेगा।‘‘
बीएसडीयू ने मोल्दोवा की एग्रीकल्चर स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत, व्यवसाय प्रशासन विभाग के साथ, दोनों विश्वविद्यालय छात्रों के आदान-प्रदान और इंटर्नशिप कार्यक्रमों के साथ-साथ स्कूल आॅफ एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स के स्टाफ मेंबर्स के लिए अनुसंधान, विकास और नवाचार कार्यक्रमों के लिए अपने दरवाजे खोलेंगे।
बीएसडीयू के कुलपति डॉ अचिंत्य चैधरी ने कहा, “हमारे छात्रों को मोल्दोवा की शिक्षा प्रणाली और वहां इस्तेमाल की जा रही प्रशिक्षण शैली के बारे में जानने को मिलेगा। यह हमारे विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए एक शानदार मौका है कि वे एक्सपोजर प्राप्त करें और पेशेवर दुनिया में प्रवेश करने के लिए खुद को तैयार करें। हमारे छात्र सीखेंगे कि विभिन्न तकनीकों के साथ कैसे काम करें और यहाँ प्राप्त प्रशिक्षण का उपयोग कैसे किया जाए। इसके अलावा, हमारे छात्र व्यवसाय खोलने और चलाने के दौरान अपनाई जाने वाली विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में भी जानेंगे।‘‘
स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स के प्रिंसिपल डॉ. रवि गोयल ने कहा, “हमारे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय परिवेश के संपर्क में आने और औद्योगिकयात्राओं के साथ नई और विभिन्न आधुनिक व्यावसायिक तकनीकों का ज्ञान प्राप्त करने से काफी लाभ होगा। यह सैद्धांतिक ज्ञान और वास्तविक जीवन के अनुभव के बीच के फासले को पाटने में मदद करेगा और उन्हें कॉर्पोरेट दुनिया में प्रवेश करने के लिए तैयार करने के साथ-साथ यह अनुभव भी कराएगा कि किसी भी इंडस्ट्री को कैसे संचालित किया जाता है।‘‘
भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) के बारे मेंः
2016 में स्थापित भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) भारत का पहला अनूठा कौशल विकास विश्वविद्यालय है, जिसे भारतीय युवाओं की प्रतिभाओं के विकास के लिए अवसर, स्थान और गुंजाइश बनाकर कौशल विकास के क्षेत्र में वैश्विक उत्कृष्टता पैदा करने की दृष्टि से उन्हें वैश्विक स्तर पर फिट बनाने के लिए कायम किया गया था। डॉ. राजेंद्र के जोशी और उनकी पत्नी श्रीमती उर्सुला जोशी के नेतृत्व और विचार प्रक्रिया के तहत नौकरी प्रशिक्षण और शिक्षा के लिए बीएसडीयू ने ‘स्विस-ड्यूल-सिस्टम’ स्विट्जरलैंड की तर्ज पर इसे स्थापित किया है। बीएसडीयू राजेंद्र उर्सुला जोशी चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत एक शिक्षा उपक्रम है और राजेंद्र और उर्सुला जोशी (आरयूजे) समूह ने इस विश्वविद्यालय को 2020 तक 36 कौशल स्कूलों को स्थापित करने के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।
विचार, कौशल विकास की स्विस प्रणाली को भारत में लाने का था, इस तरह भारत में आधुनिक कौशल विकास के जनक डॉ. राजेंद्र जोशी और उनकी पत्नी श्रीमती उर्सुला जोशी ने 2006 में स्विट्जरलैंड के विलेन में ’राजेंद्र एंड उर्सुला जोशी फाउंडेशन’ का गठन करते हुए इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया। बीएसडीयू का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली कौशल शिक्षा को बढ़ावा देना और सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा और स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और विभिन्न कौशल के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए पोस्ट-डॉक्टरेट की डिग्री देते देते हुए ज्ञान की उन्नति और प्रसार करना है।

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