अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए योजनाओं की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करें जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य मंत्री

जयपुर।  जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य मंत्री  अर्जुनलाल बामणिया ने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जनजाति के अधिकतम कल्याण के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकार की इसी मंशा को ध्यान में रखते हुए योजनाओं की समुचित मॉनिटरिंग कर प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करें ताकि पात्र लोगों को समय पर पूरा फायदा मिल सके।  बामणिया सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित बैठक में जनजाति उपयोजना के अन्तर्गत विभागवार बजट आवंटन एवं खर्च की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को उचित योजना बनाने और उसी के अनुसार समय पर खर्च करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा एवं चिकित्सा विभाग के प्लान में जनजाति उपयोजना का हिस्सा बढ़ाने के निर्देश दिए। सार्वजनिक निर्माण विभाग को 250 से अधिक आबादी वाले सभी गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कहीं वन क्षेत्र की वजह से अड़चन आ रही है तो उसे दूर कराने के लिए पेसा एक्ट के माध्यम से वन क्षेत्र में रास्ता क्लियरेंस हासिल करें। जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य मंत्री ने ऊर्जा विभाग को कुसुम योजना के तहत काश्तकार की 10 फीसदी हिस्सा राशि टीएडी फंड से देने संबंधी योजना शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नहरों के टेल क्षेत्र में लघु एवं सीमांत काश्तकारों को उनके हिस्से का पूरा पानी दिलवाना सुनिश्चित करने की हिदायत देते हुए कहा कि यदि कहीं प्रभावशाली लोग पानी का अवैध दोहन करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। बैठक में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव  अखिल अरोड़ा ने सभी विभागों को आवंटित राशि और अब तक व्यय राशि की जानकारी लेते हुए बिन्दुवार समीक्षा की। बैठक में सम्बन्धित विभागों  के उच्च अधिकारी भी उपस्थित थे। 

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