बाखासर में बन्दरगाह के निर्माण से आर्थिक विकास को लगेंगें पंख - हरीश चौधरी

- राजस्व मंत्री का मुख्यमंत्री एवं वेदांता चेयरमैन से अर्द्धशासकीय पत्र से आग्रह
बाड़मेर। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अर्द्धशासकीय पत्र लिखकर बाखासर के रण क्षेत्र में बंदरगाह निर्माण की संभावना एवं कार्ययोजना के संबंध में राज्य में कार्यरत अर्न्तराष्ट्रीय कम्पनीयों से तकनीकी एवं वैश्विक अनुभव का सहयोग लेकर केन्द्र सरकार के स्तर उचित कार्रवाई कराने के निर्देश देने का अनुरोध किया है। साथ ही उन्होनें वेदान्ता गु्रप के संस्थापक अनिल अग्रवाल सें उक्त संबंध में वैश्विक अनुभव का लाभ दिलाने सहित तकनीकी एवं अन्य सहयोग का अनुरोध किया है। 
राजस्व मंत्री ने बताया कि राज्य में नवीन चिकित्सा भवनों एवं ऑक्सीजन प्लांट्स के वर्चुअल लोकार्पण एव शिलान्यास से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को संबल मिला है। उन्होनें कहा कि राजस्थान-गुजरात सीमा पर बाखासर क्षेत्र के रण क्षेत्र में बन्दरगाह निर्माण करवाने से औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को अप्रत्याशित गति मिल सकेगी। पश्चिमी राजस्थान में कच्चे तेल एवं प्राकृतिक गैस के साथ ही ग्रेनाइट, बेन्टोनाइट, लाइम, लिग्नाइट जैसे खनिज पदार्थो के भण्डार है, वहीं जीरा, इसबगोल, ग्वार, बाजरा, खजूर, अनार के साथ ही कपडा उद्योग, हस्तशिल्प सहित कई बहुमूल्य चीजें उपलब्ध हैं जो निर्यात भी हो रही है।
उन्होनें बताया कि सांसद काल के दौरान भी लाकसभा में बात रखकर एवं मंत्री स्तर पर मांग रखी थी। ऐसे प्रमाण है कि प्राचीन समय में थार मरूस्थल एवं कच्छ का रण समुद्री क्षेत्र थे। कच्छ रण का समुद्र स्तर अन्य जगह से समान है। कच्छ रण को इंग्लिश चौनल की तरह ही किसी चेनल के माध्यम से जोड़ा जाये तो यहां बंदरगाहध्पोर्ट के रूप में विकसित करने से उसके माध्यम से विकास को गति मिलेगी।

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