Tags - Sangri Times

SPORTS

POEM

कविता: कोरोना भगाओ, देश बचाओ

कविता: कोरोना भगाओ, देश बचाओ

ना जाने क्यूं आया आज ऐसा दौर ।
हर तरफ केवल कोरोना का हो रहा शोर ।।

यें घातक महामारी है ले जाएगी मौत की ओर।
करो समर्थन सरकार का, वरना छूट जाएगी जीवन की डोर।।

जनता...

कविता: कदम बढ़ा रूक मत यह देश तेरा है

कविता: कदम बढ़ा रूक मत यह देश तेरा है

कदम बढ़ा रूक मत यह देश तेरा है
कौन तुझे एकता के लिए अंकित करेंगे
कौन तेरा रक्त तिलक कर विजयी करेंगे
कौन तेरा मार्गदर्शन कर होंसला अफजाई करेंगे
कदम बढ़ा रूक मत यह देश ते...

कविता: चांद तारों सी सजी थी उसकी डोली

कविता: चांद तारों सी सजी थी उसकी डोली

चांद तारों सी सजी थी उसकी
डोली ।
नाच गाना जोर शोर से
भागम भाग लगी थी घरवालों की
आवभगत हो रही थी मह मानो की
सुबह से कुछ गुमसुम थी वो
चहरे पे शिकंज साफ नजर...

कविता: आज सामने एक बड़ी परेशानी हैं

कविता: आज सामने एक बड़ी परेशानी हैं

आज सामने एक बड़ी परेशानी हैं
कोई झूझ रहा हैं खतरें से तो किसी की आँखों में पानी हैं
किसी की सांसे चल रही हैं तो किसी की मुश्किल में जिंदगी हैं
कोई चल रहा हैं पैदल धूप और प्यास...