युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए कृषि शिक्षा जरूरी



दिनांक 3 दिसम्बर, 2021 को प्रसार शिक्षा निदेशालय, उदयपुर में कृषि शिक्षा दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. रामावतार कौशिक, निदेशक, प्रसार शिक्षा निदेशालय, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर ने कृषि शिक्षा दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि युवाओं के अच्छे भविष्य के लिये कृषि शिक्षा बहुत जरूरी है।

युवाओं को कृषि से जोड़ने और भारत में कृषि शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए 3 दिसंबर का दिन कृषि शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा युवाओं को कृषि की शिक्षा मुहैय्या करवाना और देश को कृषि क्षेत्र में समृद्ध बनाना है। हालांकि इन दिनों यह बदलाव तेजी से देखा जा सकता है, कई ग्रामीण इलाकों के युवा कृषि की शिक्षा प्राप्त करके इसे रोजगार का माध्यम बना रहे हैं।

विभिन्न फल, फूल, सब्जी की खेती, डेयरी, मछली पालन, मधुमक्खी पालन, सुअर पालन इत्यादि खेती से जुड़े कई ऐसे व्यव्साय हैं जो युवाओं के बीच प्रचलित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि कृषि शिक्षा को बढ़ाने में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई.सी.ए.आर.) एक अहम भूमिका निभा रहा है। यह दिवस देश के पहले कृषि मंत्री एवं राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के जन्म दिवस के अवसर पर मनाया जाता है।

इस अवसर डॉ. रतन लाल सोलंकी, सहायक प्राध्यापक, प्रसार शिक्षा निदेशालय, उदयपुर ने कहा कि छात्रों की दिलचस्पी खेती की दिशा में प्रेरित करने के लिए प्रयास किया जाए ताकि वे इस क्षेत्र में कुछ रुचि विकसित कर देश की कृषि में विकास कर सकें। कृषि शिक्षा दिवस के आयोजन मंच का संचालन डॉ. लतिका व्यास, प्रोफेसर ने किया तथा डॉ. राजीव बैराठी, प्रोफेसर, प्रसार शिक्षा ने आभार व्यक्त किया। 


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