ई संसाधन अनुसंधान का आधार : डॉ वीरांजनेयुलु



दिनाकं 23 दिसम्बर  2021 महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रैाद्यैागिकी विश्वविद्यालय उदयपुर की संघटक इकाई सामुदायिक  एवं व्यावहारिक विज्ञान महाविद्यालय द्वारा  “ सामुदायिक विज्ञान अनुसंधान के लिए ई संसाधन”विषयक व्याख्यान का आयोजन किया गया I

जिसके मुख्य वक्ता डॉ .के. वीरांजनेयुलु,पुस्तकालयाध्यक्ष एवम विभागाध्यक्ष ,केंद्रीय पुस्तकालय ,राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान,वारंगल थे .सत्र का आरम्भ महाविद्यालय की अधिष्ठाता द्वारा स्वागत उद्बोधन और परिचयात्मक टिप्पणी से हुआ। आपने बताया की  ई-संसाधनों और सेवाओं की भूमिका एक निश्चित उद्देश्य के साथ ज्ञान का प्रसार करना है। 

वे उपयोगकर्ता समुदाय को वर्तमान मूल्य और रुचि की जानकारी प्रस्तुत करने में  उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं। आज सूचना संचार प्रक्रिया में संसाधनों को सबसे महत्वपूर्ण घटक माना जाता है। ई-बुक ,ई-जर्नल आधार उपयोगकर्ताओं की अधिकतम संख्या की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

गृह विज्ञान प्रसार एवम संचार प्रबंधन विभाग की डॉ धृति सोलंकी द्वारा दिए गए वक्ता के परिचय उपरान्त मुख्य वक्ता डॉ .के. वीरांजनेयुलु ने अपने उद्बोधन में कहा की ई-संसाधन और सेवा इकाई के प्रबंधन में दक्षता सर्वोपरि है, जिसके बिना अधिकतम स्तर के लाभ प्राप्त नहीं किए जा सकते हैं। इस प्रकार, यह वांछनीय है कि ई-संसाधन और सेवा इकाई को सुव्यवस्थित और अधिक कुशलता से प्रबंधित किया जाना चाहिए ताकि पत्रिकाओं और शोध पत्रों से होने वाले लाभों के स्तर में सुधार हो सके।
 
इलेक्ट्रॉनिक संसाधन इन दिनों बहुत महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं क्योंकि वे अधिक अद्यतित हैं, और सभी भौगोलिक सीमाओं को पार करते हुए कहीं भी पहुँचा जा सकता है। ऐसे संसाधन अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों का संचालन करते समय मूल्यवर्धन करते हैं। 
 
ई-संसाधन और सेवाएं ऐसे संसाधन हैं जिनमें सूचना इलेक्ट्रॉनिक रूप से संग्रहीत की जाती है और जो इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और नेटवर्क के माध्यम से सुलभ हैं। ई-संसाधन और सेवाएं एक बहुत व्यापक शब्द है जिसमें ओपेक, सीडी-रोम, ऑनलाइन डेटाबेस, ई-जर्नल, ई-बुक्स, इंटरनेट संसाधन, प्रिंट-ऑन-डिमांड (पीओडी), सहित विभिन्न प्रकाशन मॉडल शामिल हैं।ब्म्त्।सेरा, ई -मेल पब्लिशिंग, वायरलेस पब्लिशिंग, इलेक्ट्रॉनिक लिंक और वेब पब्लिशिंग आदि।
 
आपने पुस्तकालयों में उपलब्ध ई-संसाधनों और सेवाओं के प्रकार यथा इलेक्ट्रॉनिक जर्नल,डेटाबेस,इलेक्ट्रॉनिक किताबें,व्च्।ब् (ऑन-लाइन पब्लिक एक्सेस कैटलॉग),सीडी-रोम, ई-मेल और बुलेटिन बोर्ड,हाइब्रिड डिजिटल संग्रह, इंटरनेट गेटवे और सर्च इंजन के बारे में विस्तृत चर्चा की. संचालन एवम धन्यवाद ज्ञापन मानव विकास एवम पारिवारिक सम्बन्ध विभाग की अध्यक्षा डॉ गायत्री तिवारी ने किया . इस अवसर पर सभी फैकल्टी मेंबर्स और रिसर्च स्कॉलर्स ने बड़ी संख्या में सक्रिय भागीदारी निभाई।


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