कार्यस्थल पर सफलता के लिए " सॉफ्ट स्किल्स प्रदान करना " विषयक कार्यक्रम प्रारम्भ


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उदयपुर 27 दिसंबर 2021: महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर के संघटक सामुदायिक एवं व्यवहारिक विज्ञान महाविद्यालय द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित संस्थागत विकास योजना अंतर्गत तीन दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम “कार्यस्थल पर सफलता के लिए सॉफ्ट स्किल्स प्रदान करना “ का शुभारंभ हुआ I 

जिसमें प्रथम दिवस के वक्ता डॉ. सूर्या राठौड़, प्रधान वैज्ञानिक, राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंध अकादमी, हैदराबाद,  डॉ. कैलाश बृजवासी, निदेशक, जतन संस्थान, उदयपुर एवं डॉ. रश्मि सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली थे I इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालयों से 30 सहायक एवं सह प्राध्यापकों ने  भाग लिया I 

कार्यक्रम का आरंभ महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ मीनू श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन द्वारा किया, जिन्होंने  संकाय विकास के कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बताया एवं कहा कि हमारे व्यक्तिगत गुणों का विकास होना बहुत जरूरी है क्योंकि यह हमें प्रभावी ढंग से एवं सामंजस्य पूर्ण तरीके से संवाद करने में सक्षम बनाते हैं I 

कार्यक्रम की  आयोजन सचिव डॉ प्रकाश पंवार  ने कार्यक्रम की उपयोगिता बताई एवं वक्ताओं का परिचय दिया I कार्यक्रम की वक्ता डॉ. सूर्या राठौड़ ने  व्यक्तित्व विकास के लिए संचार कौशल पर विस्तृत व्याख्यान दिया उन्होंने बताया कि कैसे हार्ड स्किल्स एवं सॉफ्ट स्किल्स में सुधार करके अपने व्यक्तित्व में विकास किया जा सकता है I 

उन्होंने प्रतिभागियों से जाना कि प्रभावी ढंग से संवाद करने में किन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, हमारे व्यक्तित्व लक्षण क्या है जो प्रभावी संवाद में रोड़ा बनते हैं और उन्हें दूर करने के लिए क्या किया जा सकता है ? उसके बाद उन्होंने इनके समाधान बताते हुए बेहतर तरीके से संवाद करने के गुर बताए साथ ही प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान किया I वक्ता डॉ. कैलाश बृजवासी ने समूह प्रबंधन पर व्याख्यान दिया I 

डॉ. बृजवासी ने समूह के कार्यों को सफल बनाने में समूह के सदस्यों के असहयोगात्मक रवैयों  को प्रतीकों जैसे शेर, बिल्ली, चूहा इत्यादि के माध्यम से जानना एवं विरोधियों का सामना करने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा कीI वक्ता डॉ. रश्मि सिंह ने  व्यक्तिगत क्षमता को समझना विषय पर चर्चा की, डॉ रश्मि ने बताया कि हम आत्म   विश्लेषण कर अपनी क्षमताओं को पहचान सकते हैं और उनके अनुरूप अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकते हैंI 

कार्यक्रम का संचालन डॉ धृति सोलंकी, प्रोफेसर, प्रसार शिक्षा एवं संचार प्रबंधन ने  किया इस कार्यक्रम आयोजन में डॉ. रेणु मोगरा, डॉ. रूपल बाबेल एवं डॉ. सुमित्रा मीना की भी सहभागिता रही I


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