फिल्मों की दुनिया में हॉरर और सस्पेंस का अपना अलग आकर्षण है, लेकिन जब डर और रोमांच के साथ कोई गंभीर सामाजिक विषय भी जुड़ जाए, तो कहानी का प्रभाव और गहरा हो जाता है। कुछ ऐसी ही छाप छोड़ रही है निर्माता शैलेश परिहार की फिल्म ‘झाड़फूँक’, जो इन दिनों OTT प्लेटफॉर्म JioHotstar पर अपनी लोकप्रियता को लेकर सुर्खियों में है। 30 अक्टूबर को रिलीज हुई इस फिल्म को फेस्टिव सीजन में दर्शकों का शानदार प्रतिसाद मिल रहा है। फिल्म JioHotstar पर अंग्रेजी फिल्म ‘Obsession’ के बाद दूसरे स्थान पर ट्रेंड कर रही है, जबकि हिंदी फिल्मों की श्रेणी में नंबर 1 की पोजिशन पर बनी हुई है।

राजस्थान के जोधपुर निवासी निर्माता शैलेश परिहार, मुंबई के एक सफल बिजनेसमैन है  फ़िल्म की  सफलता से बहुत उत्साहित हैं। उनके लिए यह उपलब्धि इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि ‘झाड़फूँक’ केवल डराने और रोमांचित करने वाली हॉरर फिल्म नहीं है, बल्कि इसके केंद्र में विश्वास और अंधविश्वास के बीच की महीन लकीर को समझाने वाला एक महत्वपूर्ण विषय भी है। फिल्म के OTT पर लगातार ट्रेंड करने और दर्शकों के बीच चर्चा में आने से शैलेश परिहार को विश्वास है कि मनोरंजन के साथ सामाजिक संदेश देने वाली कहानियों के लिए भी दर्शकों के बीच अच्छी जगह है।

शैलेश परिहार का मानना है कि सिनेमा में मनोरंजन सबसे अहम है, लेकिन अगर किसी फिल्म की कहानी दर्शकों को सोचने पर भी मजबूर करे, तो उसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। आस्था और विश्वास भारतीय समाज का अभिन्न हिस्सा हैं, लेकिन जब यही विश्वास अंधविश्वास का रूप लेने लगता है, तो उसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। ‘झाड़फूँक’ इसी संवेदनशील विषय को हॉरर, सस्पेंस और रोमांच के दिलचस्प मेल के साथ पर्दे पर प्रस्तुत करती है।

इस बारे में शैलेश परिहार कहते हैं, “एक निर्माता के तौर पर मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी यह है कि दर्शक हमारी फिल्म को पसंद कर रहे हैं। सिनेमा में मनोरंजन पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन अगर उसी मनोरंजन के जरिए हम समाज से जुड़े किसी जरूरी विषय को भी सामने ला सकें, तो यह और भी बड़ी बात है। ‘झाड़फूँक’ में हमने विश्वास और अंधविश्वास के बीच के अंतर को एक दिलचस्प हॉरर कहानी के माध्यम से दिखाने की कोशिश की है। JioHotstar पर फेस्टिव सीजन में फिल्म को मिल रहा प्यार और उसकी लोकप्रियता पूरी टीम के लिए बेहद उत्साहजनक है।”


फिल्म की लोकप्रियता में कलाकारों की दमदार अदाकारी भी अहम भूमिका निभा रही है। यशपाल शर्मा ने अपने प्रभावशाली अभिनय से कहानी को मजबूती दी है, वहीं सुम्बुल तौकीर खान अपने किरदार में खास छाप छोड़ती हैं। पद्मिनी कोल्हापुरे की अनुभवी स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म को अलग आयाम देती है। इसके अलावा हर्ष राजपूत और अप्रतिम सिंह भी अपनी भूमिकाओं से कहानी के रहस्य और रोमांच को आगे बढ़ाते हैं।

‘झाड़फूँक’ का निर्माण नीव एंटरटेनमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले किया गया है। फिल्म का निर्देशन राजन रामगोपाल वर्मा ने किया है। इसके निर्माता शैलेश परिहार और सह-निर्माता वृंदा ब्रह्मभट्ट हैं। फिल्म में यशपाल शर्मा, पद्मिनी कोल्हापुरे, सुम्बुल तौकीर खान, हर्ष राजपूत और अप्रतिम सिंह प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फेस्टिव सीजन में हॉरर और सस्पेंस के साथ दर्शकों को बांधे रखने वाली ‘झाड़फूँक’ की OTT लोकप्रियता पूरी टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। निर्माता शैलेश परिहार के लिए यह सफलता सिर्फ ट्रेंडिंग रैंकिंग तक सीमित नहीं, बल्कि इस बात का भी संकेत है कि दर्शक डर, रोमांच और मनोरंजन के साथ एक जरूरी सामाजिक संदेश देने वाली कहानियों को भी खुले दिल से स्वीकार कर रहे हैं।