निर्माता शैलेश परिहार की फ़िल्म ‘झाड़फूँक’ का OTT पर जलवा, फ़िल्म के हॉरर ने जीता दर्शकों का दिल

शैलेश परिहार की हॉरर फिल्म 'झाड़फूँक' JioHotstar पर हिंदी फिल्मों में नंबर 1 पर ट्रेंड कर रही है। अंधविश्वास पर बनी इस फिल्म में यशपाल शर्मा और पद्मिनी कोल्हापुरे हैं।

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ST Correspondent Verified Media or Organization • 16 Apr, 2026 Team
November 6, 2026 • 5:43 PM  0
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निर्माता शैलेश परिहार की फ़िल्म ‘झाड़फूँक’ का OTT पर जलवा, फ़िल्म के हॉरर ने जीता दर्शकों का दिल
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निर्माता शैलेश परिहार की फ़िल्म ‘झाड़फूँक’ का OTT पर जलवा, फ़िल्म के हॉरर ने जीता दर्शकों का दिल
निर्माता शैलेश परिहार की फ़िल्म ‘झाड़फूँक’ का OTT पर जलवा, फ़िल्म के हॉरर ने जीता दर्शकों का दिल

फिल्मों की दुनिया में हॉरर और सस्पेंस का अपना अलग आकर्षण है, लेकिन जब डर और रोमांच के साथ कोई गंभीर सामाजिक विषय भी जुड़ जाए, तो कहानी का प्रभाव और गहरा हो जाता है। कुछ ऐसी ही छाप छोड़ रही है निर्माता शैलेश परिहार की फिल्म ‘झाड़फूँक’, जो इन दिनों OTT प्लेटफॉर्म JioHotstar पर अपनी लोकप्रियता को लेकर सुर्खियों में है। 30 अक्टूबर को रिलीज हुई इस फिल्म को फेस्टिव सीजन में दर्शकों का शानदार प्रतिसाद मिल रहा है। फिल्म JioHotstar पर अंग्रेजी फिल्म ‘Obsession’ के बाद दूसरे स्थान पर ट्रेंड कर रही है, जबकि हिंदी फिल्मों की श्रेणी में नंबर 1 की पोजिशन पर बनी हुई है।

राजस्थान के जोधपुर निवासी निर्माता शैलेश परिहार, मुंबई के एक सफल बिजनेसमैन है  फ़िल्म की  सफलता से बहुत उत्साहित हैं। उनके लिए यह उपलब्धि इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि ‘झाड़फूँक’ केवल डराने और रोमांचित करने वाली हॉरर फिल्म नहीं है, बल्कि इसके केंद्र में विश्वास और अंधविश्वास के बीच की महीन लकीर को समझाने वाला एक महत्वपूर्ण विषय भी है। फिल्म के OTT पर लगातार ट्रेंड करने और दर्शकों के बीच चर्चा में आने से शैलेश परिहार को विश्वास है कि मनोरंजन के साथ सामाजिक संदेश देने वाली कहानियों के लिए भी दर्शकों के बीच अच्छी जगह है।

शैलेश परिहार का मानना है कि सिनेमा में मनोरंजन सबसे अहम है, लेकिन अगर किसी फिल्म की कहानी दर्शकों को सोचने पर भी मजबूर करे, तो उसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। आस्था और विश्वास भारतीय समाज का अभिन्न हिस्सा हैं, लेकिन जब यही विश्वास अंधविश्वास का रूप लेने लगता है, तो उसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। ‘झाड़फूँक’ इसी संवेदनशील विषय को हॉरर, सस्पेंस और रोमांच के दिलचस्प मेल के साथ पर्दे पर प्रस्तुत करती है।

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