मिड डे अवॉर्ड से सम्मानित हुए आध्यात्मिक फिल्ममेकर आशिम खेत्रपाल
साईं बाबा भक्ति और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले आशिम खेत्रपाल को मिड डे स्पिरिचुअल लीडर ऑफ द ईयर सम्मान प्रदान किया गया।
ST Correspondent Verified Media or Organization • 16 Apr, 2026Team
July 6, 2026 • 1:59 AM | मुंबई 0
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6 Jul 2026
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मिड डे अवॉर्ड से सम्मानित हुए आध्यात्मिक फिल्ममेकर आशिम खेत्रपाल
मुंबई: साईं बाबा और आध्यात्मिक विषयों पर आधारित चर्चित फिल्मों और धारावाहिकों के निर्माण के साथ-साथ सामाजिक और मानवीय क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय कार्य करने वाले फिल्मकार आशिम खेत्रपाल को 'मिड डे स्पिरिचुअल लीडर ऑफ द ईयर 2026' सम्मान से नवाजा गया है।
मुंबई में आयोजित एक भव्य समारोह में अमृता फडणवीस और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय से जुड़े मंत्री तथा उद्योगपति मंगल प्रभात लोढ़ा के हाथों आशिम खेत्रपाल को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी, संजय कपूर, रजत बेदी, अभिमन्यु सिंह सहित कई जानी-मानी हस्तियां उपस्थित रहीं।
पिछले दो दशकों से आशिम खेत्रपाल शिरडी की पवित्र भूमि से श्रद्धा, सबूरी, शांति और मानवता का संदेश दुनिया तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। साईं की महिमा, साईं भक्तों की सच्ची कहानियां और चर्चित फिल्म 'शिरडी साईं बाबा' जैसे कार्यक्रमों और फिल्मों के माध्यम से उन्होंने लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है और आध्यात्मिकता को समाज सेवा से जोड़ने का प्रयास किया है।
आध्यात्मिक क्षेत्र के साथ-साथ आशिम खेत्रपाल ने सामाजिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 'रेडिएंट डिफरेंटली एबल्ड स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स', 'ग्रिट एंड ग्लोरी' जैसे अभियानों के माध्यम से उन्होंने दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मान और पहचान दिलाने की दिशा में काम किया है। इसके अलावा वह परा क्रिकेट खिलाड़ियों के संघर्ष और प्रेरणादायक जीवन पर आधारित अपनी आगामी फिल्म 'चल जीत ले ये जहां' के माध्यम से भी जागरूकता बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए भी लगातार समर्थन और सामाजिक कार्य किए हैं। उनकी आने वाली फिल्म 'चिल्ड्रन ऑफ गॉड' समानता, सम्मान और मानवता का संदेश देने वाली एक महत्वपूर्ण फिल्म मानी जा रही है, जो समाज में समावेशिता और संवेदनशीलता को प्रोत्साहित करेगी।
इसके अलावा आशिम खेत्रपाल ने गौशालाओं में छोड़ी गई और गैर-दुग्ध देने वाली गायों की देखभाल, कोविड-19 महामारी के दौरान 50,000 से अधिक मास्क वितरण और विभिन्न सामुदायिक सेवा अभियानों के जरिए भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई है। 'बैटन ऑफ पीस एंड यूनिटी' अभियान के माध्यम से उन्होंने भारत के शांति और एकता के संदेश को अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, यूरोप और भारत सहित विभिन्न देशों तक पहुंचाया।
इस सम्मान को लेकर आशिम खेत्रपाल ने कहा,
“यह सम्मान केवल मेरे लिए नहीं बल्कि उन सभी लोगों के लिए है जो मानवता और सेवा के मार्ग पर चल रहे हैं। मेरा हमेशा मानना रहा है कि आध्यात्मिकता का सबसे बड़ा रूप मानवता है। अगर हम किसी एक व्यक्ति के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव ला सकें, तो वही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। मेरी कोशिश आगे भी फिल्मों और सामाजिक कार्यों के माध्यम से ऐसे विषयों को सामने लाने की रहेगी जो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।”
आध्यात्मिकता, समाज सेवा और सिनेमा को साथ लेकर चलने वाले आशिम खेत्रपाल आज उन चुनिंदा व्यक्तित्वों में शामिल हैं जिन्होंने अपने कार्यों के जरिए यह साबित किया है कि वास्तविक अध्यात्म केवल विचार नहीं, बल्कि मानवता की सेवा में दिखाई देता है।