पाली। छात्रहित से जुड़ी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार, 13 अगस्त को राजकीय बांगड़ महाविद्यालय, पाली में घेराव और विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय से रैली के रूप में महाविद्यालय पहुंचे और जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व एनएसयूआई कार्यकारी जिलाध्यक्ष गणपत पटेल और जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह जाखोड़ा ने किया। यह प्रदर्शन राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर चल रहे एनएसयूआई के प्रदेशव्यापी आंदोलन का हिस्सा है।
छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग
गणपत पटेल ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों का लोकतांत्रिक अधिकार है। लंबे समय से चुनाव नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का मंच नहीं मिल पा रहा है।
संगठन के अनुसार, चुनाव जल्द बहाल किए जाने चाहिए ताकि विद्यार्थी अपने प्रतिनिधि चुन सकें और महाविद्यालय की समस्याओं को प्रभावी रूप से प्रशासन के सामने रख सकें।
बांगड़ को विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग
जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह जाखोड़ा ने बांगड़ महाविद्यालय को विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग प्रमुखता से उठाई। उनका कहना है कि पाली में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए यह जरूरी है, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
संगठन ने अपने 11 सूत्रीय मांग-पत्र में नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने, बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष असगर अली खत्री ने ये मुद्दे उठाए।
प्रदेशव्यापी आंदोलन का हिस्सा
पाली का प्रदर्शन अकेला नहीं है। बीते दो हफ्तों में एनएसयूआई ने जोधपुर में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के मुख्यालय का घेराव, ब्यावर में जिला कलेक्टर को ज्ञापन तथा जयपुर और उदयपुर में प्रदर्शन किए हैं।
संगठन का आरोप है कि भाजपा सरकार ने अपने घोषणापत्र में छात्रसंघ चुनाव कराने का वादा किया था, लेकिन सरकार के करीब तीन साल बीतने के बाद भी चुनाव बहाल नहीं हुए हैं।
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोवर्धन देवासी और अर्जुन सिसोदिया ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को केवल आश्वासन देकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कार्यकर्ता कृष्णा सांसी ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रशासन का पक्ष
इस प्रदर्शन और मांगों को लेकर बांगड़ महाविद्यालय प्रशासन तथा राज्य के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।
एनएसयूआई ने संकेत दिया है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आगामी दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। मामले में महाविद्यालय प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है।