पारुल यूनिवर्सिटी के छात्रों ने स्वतंत्रता दिवस पर चलाया स्वच्छता अभियान, युवाओं की ऊर्जा को स्वच्छ भारत के आह्वान में बदला
वडोदरा (गुजरात) [भारत] : स्वतंत्रता केवल उस आजादी को याद करने के बारे में नहीं है, जिसके लिए हमने संघर्ष किया था। यह उस समाज के प्रति अपनी ज...
वडोदरा (गुजरात) [भारत] : स्वतंत्रता केवल उस आजादी को याद करने के बारे में नहीं है, जिसके लिए हमने संघर्ष किया था। यह उस समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पहचानने के बारे में भी है, जिसका हम हिस्सा हैं। हमारे 80वें स्वतंत्रता दिवस की सुबह-सुबह 200 से अधिक छात्रों और युवाओं ने विश्वविद्यालय परिसर से वाघोडिया चौराहे तक के रास्ते की सफाई के लिए छात्र-नेतृत्व वाली पहल को आगे बढ़ाते हुए सड़कों का रुख किया। अपनी सामूहिक आवाज को वास्तविक कार्रवाई में बदलते हुए इन छात्रों ने सड़क और आसपास के क्षेत्रों की सफाई की तथा 8 ट्रैक्टर भरकर कचरा और गंदगी एकत्र की।
अपने छात्रों के साथ खड़ी वडोदरा स्थित पारुल यूनिवर्सिटी ने इस पहल को अपना पूरा समर्थन दिया। इस अभियान का उद्देश्य केवल कचरा उठाना या सड़क की सफाई करना नहीं था, बल्कि इस बात पर चर्चा शुरू करना भी था कि जिन स्थानों पर हम रहते हैं, पढ़ते हैं और आगे बढ़ते हैं, उनकी जिम्मेदारी लेना वास्तव में क्या मायने रखता है। यह अभियान एक बार होने वाले आयोजन के रूप में आयोजित नहीं किया गया था, बल्कि इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वच्छता और नागरिक क्षेत्रों को बनाए रखने में शैक्षणिक संस्थानों और युवा नागरिकों की भूमिका को सामने रखना था।
शैक्षणिक संस्थानों को अक्सर ज्ञान के मंदिर कहा जाता है। यहीं दिमाग को आकार मिलता है और भविष्य का निर्माण होता है। इसलिए इन्हें भी पूजा स्थलों के समान सम्मान दिया जाना चाहिए। जिस तरह किसी मंदिर की पवित्रता उसके परिसर और जिस जमीन पर वह स्थित है, उसकी स्वच्छता में दिखाई देती है, उसी तरह विश्वविद्यालय के आसपास के क्षेत्र भी समान देखभाल और सम्मान के हकदार हैं।