रहनुमा खान: मेकअप आर्टिस्ट से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और समाजसेवी बनने तक उनकी यात्रा
कई बार हमारे सुनने में आता है कि महिलाएँ समाज का कमजोर अंग है, लेकीन सचाई यह है कि महिलाएँ पुरुषों से अधिक शक्तिशाली होती हैं, क्यों कि वे एक साथ कई भुमिकाएँ अदा करने में माहीर होती हैं| इस वाक्य को सही साबित करने का आदर्श उदाहरण रहनुमा खान हैं, क्यों कि वे आश्चर्यजनक रूप से कई सारी भुमिकाएँ अदा करती हैं- चाहे वह भुमिका गृहिणी की हो, माँ की हो, मेकअप आर्टिस्ट की हो, समाजसेवी की हो या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हो|
रहनुमा खान मुंबई की एक सिधी सादी फिर भी सुन्दर महिला हैं जिन्हे इन्स्टाग्राम अकाउंट पर 207K लोगों जितना बड़ा फैन वर्ग फॉलो करता है| व्यवसाय से वे मेक अप आर्टीस्ट है और वे खुशी व्हाईटनिंग क्रीम की रचयिता है जो लोगों को डार्क से फेअर कॉम्प्लेक्शन बढ़ाने के लिए लोगों की सहायता करता है| सबसे बेहतर बात यह है कि यह क्रीम पुरुष और महिलाएँ दोनों के लिए उपलब्ध है और वह दो वेरिएंटस में उपलब्ध है- चेहरे के लिए और शरीर के लिए|
छोटी उम्र से ही रहनुमा मेकअप और मेकअप उत्पादों की तरफ आकर्षित हुईं थी और उन्होने अपनी पसन्द का ही व्यवसाय करने का निर्णय लिया जो निश्चित ही एक बहुत अच्छा निर्णय था| दूसरी लड़कियों का मेकअप करते समय उन्हे पता चला कि उनमें से अधिकांश को त्वचा की समस्याएँ थी, पर मार्केट में ऐसा कोई मेकअप उत्पाद नही था जो उनकी सहायता कर सके, क्यों कि सभी ब्रैंडेड मेकअप उत्पाद ऐसी समस्याओं को सिर्फ छुपाते थे और उन पर कभी भी इलाज नही करते थे| इसे ऐसे ही चलने देने का रहनुमा का मन बिल्कुल नही था और उन्होने ऐसे उत्पाद को निर्माण करने के लिए परिश्रम लेने शुरू किए जिसमें सिर्फ कॉम्प्लेक्शन को सुधारने की ही क्षमता नही हो, बल्की त्वचा की समस्याओं पर इलाज की क्षमता भी हो| कई असफल प्रयासों के बाद जब उन्होने ऐसी क्रीम बनायी जो डार्क व्यक्ति को फेअर बनाती थी तथा काले धब्बे, ब्लॅकहेडस, पिंपल्स, रिंकल्स और उम्र के लक्षण जैसी समस्याओं को भी ठीक करता था, तब उन्हे सफलता मिली| उन्होने इसे खुशी व्हाईटनिंग क्रीम नाम दिया और आज यह क्रीम मेकअप उद्योग पर राज कर रही है| बल्की बिजनेस के विशेषज्ञ कहते हैं कि अतीत में जिस तरह ब्युटी एक्स्पर्ट शहनाज हुसैन ने राज किया था, उसी तरह रहनुमा खान मेकअप के जगत पर राज करनेवाली है|