राजस्‍थान में तकनीक प्रेमियों को मसाई स्‍कूल के पीएपी मॉडल ने दिलाई सफलता

मसाई स्कूल ने एक ऐसा मंच तैयार किया है, जो विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने में अहम भूमिका निभा रहा है। यह संस्थान अब तक 5,000 से अधिक छात्रों को सफलता की राह पर ले जा चुका है।

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ST Correspondent Verified Media or Organization • 16 Apr, 2026 Team
August 17, 2024 • 12:08 AM  0
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राजस्‍थान में तकनीक प्रेमियों को मसाई स्‍कूल के पीएपी मॉडल ने दिलाई सफलता
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17 Aug 2024
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राजस्‍थान में तकनीक प्रेमियों को मसाई स्‍कूल के पीएपी मॉडल ने दिलाई सफलता
राजस्‍थान में तकनीक प्रेमियों को मसाई स्‍कूल के पीएपी मॉडल ने दिलाई सफलता

मसाई स्कूल ने एक ऐसा मंच तैयार किया है, जो विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने में अहम भूमिका निभा रहा है। यह संस्थान अब तक 5,000 से अधिक छात्रों को सफलता की राह पर ले जा चुका है। अपने नतीजों पर केंद्रित कॅरियर संस्थान के रूप में, मसाई स्कूल ने 100 से अधिक बैचेस को प्रशिक्षित किया है और पिछले कुछ वर्षों में 6,000 से अधिक एनरोलमेंट्स के साथ अपनी पहुंच बढ़ाई है। इस महीने, मसाई स्कूल अपने पांच साल पूरे कर रहा है और यह भारत की शिक्षा प्रणाली को नतीजों पर आधारित बनाकर मानवीय क्षमता को सामने लाने के अपने एकमात्र लक्ष्य को हासिल करने में सफल हुआ है।

उदयपुर के चिराग जैन का सफर प्रेरणादायक है। गणित में महारत हासिल करने वाले चिराग को आर्थिक चुनौतियों के चलते आईआईटी जैसी प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों में दाखिला नहीं मिल पाया। हालांकि, उन्होंने अपने सपनों को मरने नहीं दिया। कंप्यूटर की बढ़ती लोकप्रियता के बीच, उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर टेक महिंद्रा में एक कॉर्पोरेट नौकरी हासिल की। लेकिन यहां उन्हें संतोष नहीं मिला और उन्होंने IIT-JEE की तैयारी करने वालों को पढ़ाना शुरू किया। इसी दौरान, सोशल मीडिया पर उनका रचनात्मक पक्ष उभरकर सामने आया, जब उन्होंने "ज़ोलू" नाम का एक किरदार बनाकर टिकटॉक पर 2 मिलियन फॉलोअर्स जुटा लिए। लेकिन, जब टिकटॉक भारत में बैन हो गया, तो चिराग को व्यक्तिगत और पेशेवर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

यही वह समय था जब चिराग को मसाई स्कूल का रास्ता मिला। यहां उन्होंने एचटीएमएल, सीएसएस और जावास्क्रिप्ट जैसी तकनीकें सीखीं, जिसने उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयां दीं। कठिन प्रशिक्षण के बाद, वे असर्शन क्लाउड में जावा डेवलपर बने और फिर मसाई स्कूल में कंटेंट क्रिएशन स्पेशलिस्ट बन गए। मसाई के सर्वांगीण दृष्टिकोण ने चिराग की तकनीकी क्षमताओं को निखारा और उनके जीवन को सही दिशा दी। चिराग ने कहा, "मसाई स्कूल मेरे लिए टर्निंग पॉइंट था। इसने मुझे स्पष्टता, योजना और कौशल दिए, जिन्होंने मेरी जिंदगी बदल दी। टिकटॉक पर बैन के बाद सब-कुछ खो जाने की भावना से उबरकर, मसाई स्कूल ने मेरे सफर को एक नया आकार दिया और मुझे आत्मविश्वास से भरपूर एक डेवलपर बना दिया।"

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