अपनी फिल्म लावास्ते के लिए जयपुर आए अभिनेता ओमकार कपूर
फिल्म प्यार का पंचनामा से सुर्खियों में आए एक्टर ओमकार कपूर ने कहा कि मौजूदा बॉलीवुड दौर कंटेंट बेस्ड हो गया है। दर्शकों का पसंद भी वक्त के साथ बदल रही है। बेशक नजर बदल रही है तो नजरिया तो बदलेगा ही। एक्टर ओमकार कपूर ने यह बात यहां सीज्जलिन सीजर्स पर एडिव प्रोडक्शंस की बॉलीवुड मूवी ला वास्ते के एक प्रमोशनल इवेंट में मीडिया से मुखातिब होकर कही।
अभिनेता ओमकार कपूर ने बताया कि इस फिल्म का ताना-बाना ऐसे लावारिस लाशों के इर्द-गिर्द बुना गया है जिनके वारिस जिन्दा हैं पर, वे अपने खून के रिश्तों को अनदेखा कर रहे हैं। यह वास्तव में एक सामाजिक त्रासदी है। यह फिल्म ऐसे लोगों को अपनी मिट्टी, संस्कृति की तरफ लौटने को मजबूर करेगी, जो अपनी तरक्की को विदेश बस गए हैं और पैरेंट्स को भूल गए हैं। इस फिल्म का कथानक वाकई बेहद संजीदा है। इससे भी संजीदा यह है कि अंत्येष्टि को लेकर अपनों का इंतजार करती लाश को अंत तक अपनों के आने आस बरकरार रहती है।
मेरी तमन्ना हुई पूरी :-
छोटा बच्चा जानकर मुझको ना समझा ना रे...गीत से छोटेपन में सुर्खियों बंटोर चुके एक्टर ओमकार ने कहा कि मेरी दिली ख्वाहिश थी कि ला वास्ते सरीखी मूवी करुं मेरी तमन्ना पूरी हुई।