जयपुर: एब्डोमिनल कैंसर ट्रस्ट द्वारा फोर्टिस हॉस्पिटल और आईआईईएमआर के सहयोग से किया जा रहा , '19 मई वर्ल्ड एब्डोमिनल कैंसर डे के कर्टेन रेज़र के अवसर पर कई शहरों में विशाल जागरूकता वॉकथॉन का आयोजन किया गया। विभिन्न शहरों से हज़ारों प्रतिभागी एक साझा उद्देश्य के साथ एकजुट हुए — एब्डोमिनल कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाना और इसकी शुरुआती पहचान व समय पर इलाज के महत्व पर ज़ोर देना।
इस वॉकथॉन को ज़बरदस्त प्रतिक्रिया मिली प्रतिभागियों ने प्रतीक के तौर पर पर्पल रंग की टी-शर्ट पहनी हुई थी, जो साहस, आशा और कैंसर से उबर चुके लोगों के प्रति एकजुटता को दर्शाती थी। भारत के कई शहरों में एक साथ आयोजित इस पहल ने एक सशक्त संदेश दिया, जिसमें लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और नियमित स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
जयपुर में यह जागरूकता वॉक ऐतिहासिक 'जलेब चौक' से शुरू हुई और शहर के प्रतिष्ठित स्थलों जैसे जंतर-मंतर, सिटी पैलेस, आतिश मार्केट, त्रिपोलिया बाज़ार, बड़ी चौपड़ और हवा महल से गुज़रते हुए, वापस जलेब चौक पर ही समाप्त हुई।
इस कार्यक्रम में कई जानी-मानी हस्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें शामिल हुए मुख्य अतिथि के तौर पर एच एच पद्मनाभ सिंह, पंडित सुरेश मिश्रा, अध्यक्ष संस्कृति युवा संस्था, एब्डोमिनल कैंसर ट्रस्ट के फाउंडर एवं एब्डोमिनल कैंसर डे के संस्थापक डॉ.संदीप जैन, फोर्टिस हॉस्पिटल से डॉ. मनीष अग्रवाल, डायरेक्टर फोर्टिस हॉस्पिटल, श्री मुकेश गुप्ता, डायरेक्टर जोवा इटालिय फार्मा कंपनी, जयपुर रनर्स क्लब के अध्यक्ष श्री प्रवीन तिजारिआ, जयपुर रनर्स क्लब के सेह संस्थापक रवि गोयनका, श्रीमती परमजीत कौर, ओलिंपियन, एडवोकेट कमलेश शर्मा और इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट (आईआईईएमआर) के निदेशक मुकेश मिश्रा मौजूद रहे।
वर्ल्ड एब्डोमिनल कैंसर डे के उपलक्ष में एच एच पद्मनाभ सिंह ने कहा की "मेने मेरी पूरी ज़िन्दगी फिटनेस के लिए समर्पित कर दी और फिटनेस से कैंसर दूर होता है, में आपसे यही कहना चाहूँगा जितना कैंसर के बारे अवेयर कर सके उतना कर सके"
इस अवसर पर बोलते हुए, वर्ल्ड एब्डोमिनल कैंसर डे के संस्थापक डॉ. संदीप जैन ने कहा, "यह ऐतिहासिक भागीदारी जानलेवा बीमारियों के खिलाफ लड़ाई में सामूहिक प्रयासों की शक्ति को दर्शाती है। पेट के कैंसर के संबंध में आम जनता में जागरूकता का अभी भी काफी अभाव है। जागरूकता, स्वस्थ जीवन शैली में बदलाव और नियमित जांच ही रोकथाम और शुरुआती पहचान के लिए हमारे सबसे सशक्त हथियार हैं।"
पंडित सुरेश मिश्रा, अध्यक्ष संस्कृति युवा संस्था ने कहा, “हमारा मकसद यह पक्का करना है कि पेट के कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नज़रअंदाज़ न किया जाए। इस जागरूकता वॉक के ज़रिए, हम यह संदेश फैलाना चाहते हैं कि जागरूकता ही सबसे अच्छी दवा है। समय पर पहचान होने से सचमुच जानें बचाई जा सकती हैं।”
IIEMR के निदेशक श्री मुकेश मिश्रा ने बताया की “वर्ल्ड एब्डोमिनल कैंसर डे के तहत आयोजित यह मल्टी-सिटी पर्पल वॉक केवल एक जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि देशभर में स्वास्थ्य के प्रति जनभागीदारी का एक मजबूत संदेश है। जयपुर, दिल्ली, नागपुर, मुंबई, जोधपुर, कोटा सहित देश के 10 से अधिक शहरों में एक साथ आयोजित इस वॉक का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित हेल्थ चेकअप कराने और पेट के कैंसर की शुरुआती पहचान के प्रति जागरूक करना है,”
19 मई को प्रिवेंटिव GI ऑन्कोलॉजी पर एक्सपर्ट पैनल चर्चा
वर्ल्ड एब्डोमिनल कैंसर डे की पहल के तहत, जयपुर के होटल हॉलिडे इन में एक खास पैनल चर्चा होगी, जिसमें पूरे देश के जाने-माने एक्सपर्ट शामिल होंगे। इन साइंटिफिक सेशन में प्रिवेंटिव GI ऑन्कोलॉजी, कैंसर की जांच के नए तरीकों और कैंसर की शुरुआती पहचान में AI-आधारित टेक्नोलॉजी की भूमिका पर खास तौर पर बात होगी।
"अर्ली डिटेक्शन ऑफ़ लुमिनल GI कैंसर AI एंडोस्कोप्वस" पर डॉ. एस एस शर्मा चर्चा करेंगे वही पर "पेशेंट एंड डायग्नोस्टिक डिले एंड एडवांस्ड ऑफ़ GI कैंसर" पर डॉ. संदीप जैन चर्चा करेंगे वही "प्रोफाइलेक्टिक कलेक्टोमी एंड प्रिवेंशन ऑफ़ गॉल ब्लैडर कैंसर" पर डॉ. आर के जेनॉ, डॉ. जीतेन्द्र चावला, डॉ. आर भोजवानी, डॉ. राम डागा, डॉ. पंकज श्रीमल, प्रो. विके कपूर पैनल डिस्कशन किया जायेगा "अर्ली स्क्रीनिंग कोलोनोस्कोपी एंड कोलोरेक्टल कैंसर" पर डॉ. सुधीर महाऋषि, डॉ. एस निजावण, डॉ. मुकेश कल्ला, डॉ. शालू गुप्ता, डॉ. जया माहेश्वरी, डॉ. सौरभ कालिया द्वारा पैनल डिस्कशन किया जायेगा "अलकोहल रिलेटेड किर्रोसेस HCC एंड प्रिवेंशन" पर प्रो. वी ए सारस्वत, डॉ. आर पोखैरना, डॉ. दिनेश अग्रवाल, डॉ. जयंत शर्मा, डॉ. निमेष मेहता, डॉ. मोनिका गुप्ता, डॉ. दिनेश भारती किया जायेगा डॉ. अरुण अग्रवाल, डॉ. आर एस केधर, डॉ. विपिन जैन, डॉ. हेमेंद्र शर्मा, डॉ. साकेत अग्रवाल, डॉ. नीरज नगाइच और डॉ. लोकेश गोयल मौजूद रहेंगे ।
क्या है एब्डोमिनल कैंसर:-
एब्डोमिनल कैंसर में वे कैंसर शामिल होते हैं जो पेट (एब्डोमेन) के भीतर मौजूद विभिन्न अंगों को प्रभावित करते हैं। आमतौर पर कैंसर (गैस्ट्रिक), लिवर, पैंक्रियाटिक, कोलन और रेक्टल, गॉल ब्लैडर, ओवेरियन, पेरिटोनियल, किडनी और छोटी आंत के कैंसर एब्डोमिनल कैंसर की श्रेणी में आते हैं। हर प्रकार के कैंसर के लक्षण, निदान और उपचार अलग-अलग होते हैं। जागरूकता, समय पर पहचान और नियमित जांच से न केवल इन कैंसर का जल्दी पता लगाया जा सकता है, बल्कि प्रभावी उपचार के माध्यम से इनसे निजात भी पाया जा सकता है