सिद्ध अस्पताल के चेयरमैन डॉ अनुराग मेहरोत्रा की पहल:हॉस्पिटल ऑन व्हील्स से NCDs के खिलाफ अभियान

 नई दिल्ली : भारत एक ऐसी स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है जो संक्रमण से नहीं फैलती, फिर भी चुपचाप और लगातार लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है। नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (NCDs) जैसे उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), डायबिटीज, हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर और पुरानी श्वसन संबंधी बीमारियां अब देश में होने वाली अधिकांश मौतों के लिए जिम्मेदार हैं। संचारी रोगों के...

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ST Correspondent Verified Media or Organization • 16 Apr, 2026 Team
April 8, 2026 • 3:25 PM  0
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सिद्ध अस्पताल के चेयरमैन डॉ अनुराग मेहरोत्रा की पहल:हॉस्पिटल ऑन व्हील्स से NCDs के खिलाफ अभियान
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सिद्ध अस्पताल के चेयरमैन डॉ अनुराग मेहरोत्रा की पहल:हॉस्पिटल ऑन व्हील्स से NCDs के खिलाफ अभियान
सिद्ध अस्पताल के चेयरमैन डॉ अनुराग मेहरोत्रा की पहल:हॉस्पिटल ऑन व्हील्स से NCDs के खिलाफ अभियान

 नई दिल्ली : भारत एक ऐसी स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है जो संक्रमण से नहीं फैलती, फिर भी चुपचाप और लगातार लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है। नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (NCDs) जैसे उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), डायबिटीज, हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर और पुरानी श्वसन संबंधी बीमारियां अब देश में होने वाली अधिकांश मौतों के लिए जिम्मेदार हैं। संचारी रोगों के विपरीत, ये स्थितियां धीरे-धीरे विकसित होती हैं, अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के, और ज्यादातर तब पता चलती हैं जब नुकसान पहले ही अपरिवर्तनीय हो चुका होता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वर्ष 2021 में ग्लोबल स्तर पर नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज के कारण कम से कम 4.3 करोड़ मौतें हुईं। भारत में स्थिति और भी चिंताजनक है। हाल के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से 2023 के बीच NCDs देश में कुल मौतों का लगभग 57-63% हिस्सा हैं। बदलाव स्पष्ट है: भारत का रोग बोझ अब केवल संक्रमणों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवनशैली से जुड़ी और पुरानी बीमारियों ने इसे अपने कब्जे में ले लिया है, जिनके लिए जल्दी पता लगाना और लंबे समय तक प्रबंधन जरूरी है।

राष्ट्रीय स्तर पर सिद्ध हॉस्पिटल के डॉ अनुराग मेहरोत्रा की जगाने की घंटी

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