आयुर्वेदिक इलाज से ठीक हुआ एंडोमेट्रिओसिस

एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण की बात करें तो पीरियड्स में हेवी ब्लीडिंग, दर्द और ऐंठन होना (Abdominal Pain), सेक्स के दौरान दर्द होना, पेशाब में जलन या दर्द होना, महावारी से पहले दर्द रहना, मल त्याग करने में असहज महसूस करना, थकान, दस्त और कब्ज की समस्या होना।

ST Correspondent
ST Correspondent Verified Media or Organization • 16 Apr, 2026 Team
October 18, 2022 • 11:59 PM  1
हेल्थ
NEWS CARD
Logo
आयुर्वेदिक इलाज से ठीक हुआ एंडोमेट्रिओसिस
“आयुर्वेदिक इलाज से ठीक हुआ एंडोमेट्रिओसिस”
Favicon
Read more on sangritimes.com
18 Oct 2022
https://www.sangritimes.com/endometriosis-cured-with-ayurvedic-treatment
Copied
आयुर्वेदिक इलाज से ठीक हुआ एंडोमेट्रिओसिस
आयुर्वेदिक इलाज से ठीक हुआ एंडोमेट्रिओसिस

आज के समय में ज्यादातर महिलाएं इनफर्टिलिटी की समस्या से परेशान है। इसका कारण एंडोमेट्रिओसिस हो सकता जोकि गर्भधारण में बाधा डालता है। विश्व स्तर की बात करें तो लगभग 17.6 करोड़ महिलाएं इस बीमारी से पीड़ित हैं। और भारत में करीब 2 करोड़ महिलाएं एंडोमेट्रिओसिस से ग्रस्त हैं। यह समस्या हर दस में से चार महिला को होती है। जिसमें सबसे ज्यादा 16 से 45 साल की उम्र की महिलाएं शामिल होती है। इसका मुख्य कारण पेटदर्द और गर्भधारण न कर पाना है। 

एंडोमेट्रियोसिस एक प्रजनन विकार है जो महिलाओं को प्रभावित करता है। इस स्थिति में गर्भाशय की दीवारों को लाइन करने वाले टिशू गर्भाशय के बाहर बढ़ते हैं। और फिर यही टिशू गांठ बन जाते हैं। कभी-कभी, यह असामान्य रूप से अंडाशय और फैलोपियन ट्यूब जैसे अंगों का प्रभावित करता है। जोकि एक दर्दनाक स्थिति होती है। आमतौर पर, यह गांठ अपने आप समाप्त हो जाती है। यह 2 प्रकार का होते है- बाहरी और आंतरिक। गर्भाशय की मांसपेशियों की दीवार की बाहरी और आंतरिक दोनों हिस्से में पाया जाता है।

एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण की बात करें तो पीरियड्स में हेवी ब्लीडिंग, दर्द और ऐंठन होना (Abdominal Pain), सेक्स के दौरान दर्द होना, पेशाब में जलन या दर्द होना, महावारी से पहले दर्द रहना, मल त्याग करने में असहज महसूस करना, थकान, दस्त और कब्ज की समस्या होना। इसका कोई सटीक कारण स्पष्ट रूप से तो नहीं बताया जा सकता है। लेकिन डॉक्‍टर चंचल शर्मा के अनुसार, आर्तव (मासिक धर्म का रक्त) का निर्माण रस धातु (पाचन और मेटाबॉलिज्म के बाद बनने वाला पहला ऊतक) से होता है। जब अहार की आदतें दोषपूर्ण होती हैं जैसे बहुत तैलीय या अधिक सूखा भोजन, असंगत खाद्य पदार्थ जैसे दूध के साथ फल, अत्यधिक जंक फूड, मांसाहारी या डेयरी प्रधान भोजन करना, आदि मेटाबॉलिज्म में बाधा डालता है। जिसके कारण रस धातु में सूजन और एंडोटॉक्सिन का निर्माण होता है, जो आर्तव (Menstruation Blood) को भी दूषित करता है। 

history This is an archived post. The information provided may be outdated.

ST Correspondent Verified Media or Organization • 16 Apr, 2026 Team

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter