तो, इसलिए महिलाओं में तेजी से बढ़ रही है अनएक्सप्लेंड इनफर्टिलिटी- डॉ. चंचल शर्मा
डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं कि कई बार हमें लगता है कि डॉक्टर ही सही गाइडेंस दे सकते हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। हमे अपने जीवन में झांक कर देखना चाहिए की हम कितना किसी चीज में खुद को व्यस्त कर लेते है कि जो हमें अपने पार्टनर से दूर कर देते है।
आज के दौर में पूरी दुनिया में इनफर्टिलिटी की समस्या बहुत ही आम हो गई है। इनफर्टिलिटी से निपटना बेहद ही कठिन और इमोशनल प्रक्रिया है। इस समस्या से निपटने का तरीका कई कारणों और परिस्थियों पर निर्भर करता है। शारीरिक समस्याएं, लाइफस्टाइल, खराब खानपान, कम शारीरिक गतिविधि और तनाव ज्यादा होने से इनफर्टिलिटी की समस्या बढ़ सकती है।
कुछ मामलों में ऐसा होता है कि सारी रिपोर्ट नॉर्मल होने के बाद भी न जाने कितने दंपति माता-पिता बनने के सुख से वंचित है। क्या आपको भी लगता है कि आप अननोन या अनएक्सप्लेंड इनफर्टिलिटी से पीड़ित है? क्या आपको लगता है कि कोई कारण नहीं हैं लेकिन फिर भी प्रेगनेंसी नहीं हो रही है? कही इसका कारण आपका फोन तो नहीं है? या फिर ऐसा हो की फोन की ज्यादा लत लगने से कही आप अपने पार्टनर से दूर होते जा रहे हैं जिसकी वजह से आप गर्भधारण नहीं कर पा रहें?
आशा आयुर्वेदा स्थित डॉक्टर चंचल शर्मा बताती है कि ऐसा ही एक मामला उनके क्लिनिक में आया था। उन्होंने बताया कि एक जोड़ा काफी पहले हमारे पास आया था, उनकी शादी को करीब 8 साल हो चुके थे। दोनों मेरे कमरे में आए दोनों की हिस्ट्री मैंने लिखी, पूछने पर सारी रिपोर्ट्स नार्मल थी। उनको ऐसी कोई भी समस्या नहीं थी जिससे हम पता लगा पाए की दोनों में कोई इनफर्टिलिटी का क्या कारण है।
उनकी ब्लड टेस्ट नार्मल थी, ट्यूब भी दोनों खुली थी, पति की रिपोर्ट्स एक दम सही थी। रिपोर्ट्स के बारे में जानने के बहुत देर बाद जाकर डॉक्टर चंचल ने महिला से पूछा की उनको क्या समस्या रहती है।
महिला ने बताया की उनको शरीर में बहुत ही ज्यादा गर्मी महसूस होने के साथ तनाव महसूस होता है। तब डॉक्टर चंचल ने बताया कि शायद ज्यादा तनाव लेने से आप गर्भधारण नहीं कर पा रही है। थोड़ा और बातचीत करने पर पता चलता है कि दोनों के बीच पति-पत्नि जैसा रिश्ता ही नहीं था। दोनों की जीवनशैली ऐसी है कि पत्नी को अपने पति से बात करने के लिए तरस जाती है। दोनों अलग-अलग कमरे में रहते है। दोनों बहुत ही हाई प्रोफाइल पेशेंट थे, दोनों अच्छी खासी सरकारी अफसर रैंक के थे।