अभिनेत्री मालवी मल्होत्रा की किताब ‘अल्फाज़ सितारे जैसे’ बनी उनकी जिंदगी का खास मील का पत्थर

अभिनेत्री मालवी मल्होत्रा की किताब ‘अल्फाज़ सितारे जैसे’ बनी उनके जीवन का मील का पत्थर, किताब को लोगों का भरपूर प्यार, अब तक 3000 से ज्यादा प्रतियां बिक चुकी हैं।

Radhika Joshi
Radhika Joshi Verified Local Voice • 01 May, 2026 Author
July 8, 2025 • 12:32 AM  0
लाइफस्टाइल
NEWS CARD
Logo
अभिनेत्री मालवी मल्होत्रा की किताब ‘अल्फाज़ सितारे जैसे’ बनी उनकी जिंदगी का खास मील का पत्थर
“अभिनेत्री मालवी मल्होत्रा की किताब ‘अल्फाज़ सितारे जैसे’ बनी उनकी जिंदगी का खास मील का पत्थर”
Favicon
Read more on sangritimes.com
8 Jul 2025
https://www.sangritimes.com/malvi-malhotra-book-alfaaz-sitaron-jaise-milestone
Copied
अभिनेत्री मालवी मल्होत्रा की किताब ‘अल्फाज़ सितारे जैसे’ बनी उनकी जिंदगी का खास मील का पत्थर
अभिनेत्री मालवी मल्होत्रा की किताब ‘अल्फाज़ सितारे जैसे’ बनी उनकी जिंदगी का खास मील का पत्थर

मुंबई : अभिनेत्री मालवी मल्होत्रा ने अपने अभिनय से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी है और अब उन्होंने साहित्य की दुनिया में भी कदम रखकर सभी को प्रभावित किया है। बॉलीवुड अभिनेत्री मालवी मल्होत्रा हमेशा से ही प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर से प्रेरित रही हैं। उनका कविताओं के प्रति यह प्रेम और जुनून ही था जिसने उन्हें अपनी पुस्तक ‘अल्फाज़ सितारे जैसे’ लिखने के लिए प्रेरित किया। यह किताब फिलहाल बाजार में बेहद सफल साबित हो रही है।

दिलचस्प बात यह है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें उनकी यह किताब जावेद अख्तर की किताब के ठीक बगल में रखी नजर आ रही है। यह पल मालवी के लिए बेहद खास था क्योंकि वे हमेशा से ही जावेद अख्तर को अपनी प्रेरणा मानती आई हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा है।

अपनी किताब और जनता की प्रतिक्रिया के बारे में मालवी ने बताया, “वैसे तो मैंने यह किताब 2020 में ही लिख ली थी लेकिन अब यह राजकमल प्रकाशन के जरिए रिलीज़ हुई है। 6 फरवरी को दिल्ली के विश्व पुस्तक मेला में इसका विमोचन किया गया। भगवान की कृपा से यह कार्यक्रम बहुत अच्छा रहा और अब विभिन्न माध्यमों से पुस्तकें खूब बिक रही हैं। अब तक 3000 से ज्यादा प्रतियां बिक चुकी हैं। यह किताब हिंदी और उर्दू शायरी पर आधारित है जिसमें 105 से अधिक कविताएं शामिल हैं। यह ग़ज़लों पर आधारित है और सभी ग़ज़लें ऐसी हैं जिन्हें कोई भी गा सकता है। इन कविताओं को काव्यात्मक ढंग से लिखा गया है और लोगों से इसे अच्छी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं।”

Radhika Joshi Verified Local Voice • 01 May, 2026 Author

Journalist & Writer

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter