जगतगुरु सतीशाचार्य के दर्शन पाकर भाव-विभोर हुए मोहन भागवत, पैर छूकर लिया आशीर्वाद

एक निजी कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक Mohan Bhagwat ने प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु Jagadguru Swami Satishacharya Ji Maharaj से मुलाकात कर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। भारतीय परंपरा में गुरु के चरण स्पर्श करना सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। यह मुलाकात उस समय चर्चा का विषय बन गई जब इसकी तस्वीरें और जानकारी सार्वजनिक हुईं। स्वामी सतीशाचार्य जी...

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ST Correspondent Verified Media or Organization • 16 Apr, 2026 Team
March 10, 2026 • 8:40 PM  0
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जगतगुरु सतीशाचार्य के दर्शन पाकर भाव-विभोर हुए मोहन भागवत, पैर छूकर लिया आशीर्वाद
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10 Mar 2026
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जगतगुरु सतीशाचार्य के दर्शन पाकर भाव-विभोर हुए मोहन भागवत, पैर छूकर लिया आशीर्वाद
जगतगुरु सतीशाचार्य के दर्शन पाकर भाव-विभोर हुए मोहन भागवत, पैर छूकर लिया आशीर्वाद

एक निजी कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक Mohan Bhagwat ने प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु Jagadguru Swami Satishacharya Ji Maharaj से मुलाकात कर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। भारतीय परंपरा में गुरु के चरण स्पर्श करना सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। यह मुलाकात उस समय चर्चा का विषय बन गई जब इसकी तस्वीरें और जानकारी सार्वजनिक हुईं। स्वामी सतीशाचार्य जी देशभर में सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक जागरण और भारतीय मूल्यों के प्रसार के लिए जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व में “विकसित भारत के लिए आध्यात्मिक दृष्टि” के साथ सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य समाज को भारतीय संस्कृति, धर्म और नैतिक मूल्यों से जोड़ना है।

स्वामी सतीशाचार्य जी के आध्यात्मिक मार्गदर्शन से समाज के कई वर्ग प्रभावित हैं, जिनमें राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लोग भी शामिल हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta को भी उनका परम भक्त बताया जाता है और वे समय-समय पर उनके कार्यक्रमों में भाग लेती रही हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक अभियानों के माध्यम से स्वामी सतीशाचार्य जी भारतीय परंपरा, आध्यात्मिकता और राष्ट्र निर्माण के संदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। कई लोगों के अनुसार मोहन भागवत और स्वामी सतीशाचार्य जी की यह मुलाकात आध्यात्मिक नेतृत्व और सांस्कृतिक विचारधारा के बीच संवाद का प्रतीक भी मानी जा रही है..

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