अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय का तीसरा कैंपस राँची में शुरु होगा, इसका मकसद झारखण्ड और देश के पूर्वी हिस्से में शिक्षा को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण बनाना है
राँची, झारखण्ड, भारत आज अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय ने राँची में अपने तीसरे कैंपस की शुरुआत करने की घोषणा की है। इसRead Now ►
राँची, झारखण्ड, भारत
आज अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय ने राँची में अपने तीसरे कैंपस की शुरुआत करने की घोषणा की है। इस कैंपस की शुरुआत के साथ ही अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन ने पूर्वी भारत में समाज से जुड़ी हुई और संदर्भ के मुताबिक शिक्षा देने की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाया है। नया कैंपस विश्वविद्यालय के शिक्षा, विकास, सार्वजनिक स्वास्थ्य और प्रशासन के क्षेत्र में लंबे अनुभवों पर आधारित है। यह अकादमिक शिक्षा को समाज और क्षेत्र की ज़मीनी स्तर की सच्चाइयों को जोड़ने के नज़रिए को दिखाता है।
अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, राँची कैंपस के नामित कुलपति, ज़ुल्फ़िकार हैदर ने कैंपस के उद्देश्यों के बारे में बताते हुए कहा, “हम चाहते हैं कि हमारा राँची कैंपस भी क्षेत्र की सामाजिक और विकास की ज़रूरतों से नज़दीकी से जुड़े। हम चाहते हैं कि हमारा कैंपस क्षेत्र में ज्ञान को बढ़ावा देकर मानवीय विकास की राहें और भी बेहतर बनाए। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की सीखने की ज़रूरतों और अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले कामकाजी पेशेवरों को ध्यान में रखकर कई तरह के कोर्सेस व कार्यक्रम शुरु किए जाएँगे। झारखंड के विविध आदिवासी और दूसरे सभी समुदायों की परंपराओं, इतिहास, ज्ञान परंपराओं और दुनिया के देखने-समझने के नज़रिए से अच्छी तरह से जुड़ना अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय का मकसद है।”