Kantara Movie Review 2022 : एक कन्नड़ फिल्म ने दी बॉलीवुड को मात

स्टार रेटिंग : 4/5 स्टारकास्ट : ऋषभ शेट्टी, सप्तमी गौड़ा, किशोर कुमार, अच्युत कुमार   Kantara स्टोरीलाइन फिल्म की शुरुवात होती है कोस्टल कर्नाटक के एक गांव की लोककथा से जो आपका ध्यान अपनी और खींच लेती है। यह कहानी तबकी है जब हिंदुस्तान में राजा का राज चलता है। कोस्टल के राजा सुख और …

जेनिया चड्ढा
जेनिया चड्ढा Author
October 21, 2022 • 10:17 PM  1
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Kantara Movie Review 2022 : एक कन्नड़ फिल्म ने दी बॉलीवुड को मात
Kantara Movie Review 2022 : एक कन्नड़ फिल्म ने दी बॉलीवुड को मात

स्टार रेटिंग : 4/5

स्टारकास्ट : ऋषभ शेट्टी, सप्तमी गौड़ा, किशोर कुमार, अच्युत कुमार

 

Kantara स्टोरीलाइन

फिल्म की शुरुवात होती है कोस्टल कर्नाटक के एक गांव की लोककथा से जो आपका ध्यान अपनी और खींच लेती है। यह कहानी तबकी है जब हिंदुस्तान में राजा का राज चलता है। कोस्टल के राजा सुख और शांति के लिए एक खोज में निकलते है और पहुँच जाते है कुन्दपुरा गांव में जहा के कुलदेवता ‘पनजूरली’ के पास आकर उनको उस शांति का अनुभव होता है। उस शांति को पाने के लिए वो गांव वालो से मांग करते है की वो अपने देवता उन्हें दे दें। उस वक़्त दैव एक व्यक्ति के शरीर में आकर राजा के सामने एक शर्त रखते हैं। उनका कहना है की वो आने को त्यार है लेकिन बदले में उन्हें अपने ज़मीन गांव वालो को दान में देनी होगी। राजा दैव को ले जाता है और बदले में सारी ज़मीन गांव वालो को दे देते है। उसके बाद राजा बहुत ही खुश रहने लगते है। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब राजा के वंशज में से एक आकर उस ज़मीन की मांग करता है। हर साल गांव वाले दैव की पूजा करते है जिसे वो कोला कहते है। हमेशा इसे त्यौहार के रूप में पूजा जाता है। जहा दैव इंसान के अंदर आते है और लोगों को आशीर्वाद भी देते है। वही कोला में एक ऐसी घटना होती है की उन दैव पर राजा के वंशज शक करते हैं और उनसे वो अपनी ज़मीन वापिस मांगते है और दैव का अपमान भी करते है। वही दैव मशाल लेकर जंगल में भागते है और वहां से गायब भी हो जाते है। दैव जाने से पहले कहके जाते है की जो भी ज़मीन मांगेगा उसे खून की उलटी होगी और वो मर जायेगा और सच में ऐसा ही होता है। कहानी की शुरुवात होती है यहाँ से। शिवा जो गायब हुए व्यक्ति का बेटा है लेकिन वो दैव नहीं बनना चाहता क्यूंकि उस वजह से उसके पिता गायब हो जाते है। शिवा अपनी ज़िंदगी बहुत अच्छे से जी रहे होते है लेकिन कहानी में वहां ट्विस्ट आता है जब फारेस्ट वाले चाहते है की वो ज़मीन सरकार की हो जाये। शिवा और गांव वालो की लड़ाई जारी रहती है और पूरी फिल्म इसी कहानी के इर्द गिर्द घूमती है। जंगल के देवता को कर्नाटक में कांतारे कहा जाता है। कर्नाटक में जंगल के इस देवता की बहुत मान्यता है और इनकी वेषभूषा में लोकनर्तक राज्य में घूम घूमकर अपना शो करते हैं।

 

 

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