सद्गुरु ब्रह्मेशानंदाचार्यजी का नाम एशिया बुक ऑफ रेकॉर्डस् में दर्ज
5000 हिंदुओं ने एक साथ यज्ञोपवीत धारण किया, भारत के बुक ऑफ रिकॉर्ड्स दर्ज कुंडाइम: दि. 31 अगस्त को गोवा के हृद्य गुरुपीठ श्री क्षेत्र तपोभूमि में श्री दत्त पद्मनाभ पीठ के पीठाधीश्वर , पद्मश्री विभूषित धर्मभूषण सद्गुरु ब्रह्मेशानंदाचार्य स्वामीजी के दिव्य मार्गदर्शन में “श्रावणी” बड़े हर्षोल्हास के साथ संपन्न हुई। “हिंदू धर्म में मानव […]
5000 हिंदुओं ने एक साथ यज्ञोपवीत धारण किया, भारत के बुक ऑफ रिकॉर्ड्स दर्ज
कुंडाइम: दि. 31 अगस्त को गोवा के हृद्य गुरुपीठ श्री क्षेत्र तपोभूमि में श्री दत्त पद्मनाभ पीठ के पीठाधीश्वर , पद्मश्री विभूषित धर्मभूषण सद्गुरु ब्रह्मेशानंदाचार्य स्वामीजी के दिव्य मार्गदर्शन में “श्रावणी” बड़े हर्षोल्हास के साथ संपन्न हुई।
“हिंदू धर्म में मानव कल्याण का मार्ग बताया गया है, त्योहार ऋषि-मुनियों द्वारा दिए गए उपहार हैं। श्रावणी अनुष्ठान वैदिक परंपरा में किया जाने वाला एक अनुष्ठान है। इस भव्य आयोजन से गोवा की असली पहचान पुरे विश्व को होगी| हिंदू धर्म में धार्मिक अनुष्ठान प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना और प्रकृति का संरक्षण करना सिखाते हैं।”ऐसा प्रबोधन पद्मश्री धर्मभूषण सद्गुरू ब्रह्मेशानंदाचार्य स्वामीजीने किया|