यदि भारत ने विश्व पर इंग्लैंड की तरह साम्राज्य स्थापित किया होता! (भाग – 4) – ठाकुर दलीप सिंघ जी

  यदि भारत ने विश्व पर इंग्लैंड की तरह साम्राज्य स्थापित किया होता; तो विज्ञान के जो विशेष आविष्कार किसी भी देश में हुए हैं, …

ममता चौधरी
ममता चौधरी Verified Public Figure • 16 Apr, 2026 Author
July 10, 2025 • 6:16 PM  0
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यदि भारत ने विश्व पर इंग्लैंड की तरह साम्राज्य स्थापित किया होता! (भाग – 4) – ठाकुर दलीप सिंघ जी
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10 Jul 2025
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यदि भारत ने विश्व पर इंग्लैंड की तरह साम्राज्य स्थापित किया होता! (भाग – 4) – ठाकुर दलीप सिंघ जी
यदि भारत ने विश्व पर इंग्लैंड की तरह साम्राज्य स्थापित किया होता! (भाग – 4) – ठाकुर दलीप सिंघ जी

 

यदि भारत ने विश्व पर इंग्लैंड की तरह साम्राज्य स्थापित किया होता; तो विज्ञान के जो विशेष आविष्कार किसी भी देश में हुए हैं, वह सभी आविष्कार भारतीय भाषा में ही होते तथा भारतीय भाषा में ही उन के अनुसंधान पत्र लिखे जाते। ऐटम, कंप्यूटर आदि की आविष्कार भी भारत में तथा भारतीय भाषा से होता। क्योंकि, एटम (परमाणु) के अस्तित्व का आविष्कार तो ‘महर्षि कणाद’ द्वारा भारत में कई हजार वर्ष पहले हो चुका है तथा कंप्यूटर की भाषा का आधार भी संस्कृत है। इस प्रकार से, भारतीय भाषा पूरे विश्व में लोगों की एक आवश्यकता बना कर हरमन प्यारी हो जानी थी; जैसा कि आज अंग्रेज़ी हरमन प्यारी हो चुकी है। लोगों को भारतीय भाषा में बात करके गर्व महसूस करना था, जिस प्रकार वह आज अंग्रेज़ी में बात करके गर्व महसूस करते हैं तथा अंग्रेज़ी बोल कर ही समाज में भी प्रतिष्ठित अनुभव करते हैं।

 

संस्कृत भाषा के 52 अक्षर हैं तथा 13 मात्रा हैं। व्याकरण व उच्चारण शुद्ध व पूर्णतः वैज्ञानिक आधार पर है। जब कि, अंग्रेज़ी के केवल 26 अक्षर हैं, जिस में से 5 तो मात्राएं (vowels) ही हैं; जिसका व्याकरण व उच्चारण बिल्कुल तर्कहीन व असंगत है। फिर भी इंग्लैंड का विश्व पर शासन होने के कारण, अंग्रेज़ी ‘अंतर्राष्ट्रीय भाषा’ बन कर विश्व में लागू हो गई। यदि भारत ने विश्व पर साम्राज्य स्थापित किया होता, तो संस्कृत जैसी भारतीय भाषा ‘अंतर्राष्ट्रीय भाषा’, बन कर विश्व में लागू हो चुकी होती।

ममता चौधरी Verified Public Figure • 16 Apr, 2026 Author

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