यतीश कुमार का साहित्य के प्रति आपार लगाव देश में हिंदी साहित्यिक की प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर रहा है

Pooja Padiyar
Pooja Padiyar Author
November 16, 2022 • 1:52 PM  0
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यतीश कुमार का साहित्य के प्रति आपार लगाव देश में हिंदी साहित्यिक की प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर रहा है
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16 Nov 2022
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यतीश कुमार का साहित्य के प्रति आपार लगाव देश में हिंदी साहित्यिक की प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर रहा है
यतीश कुमार का साहित्य के प्रति आपार लगाव देश में हिंदी साहित्यिक की प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर रहा है

Kolkata: देश की सुप्रसिद्ध कंपनी ब्रेथवेट एंड कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक यतीश कुमार की एक और पहचान एक अनुभवी कवि, लेखक और साहित्यकार के रूप में है। जो देश के साहित्य जगत में काफी चर्चित नाम माना जाता है। श्री कुमार ने हिंदी कविता और साहित्य को बढ़ावा देने के लिए गत वर्ष कोलकाता में तीन दिवसीय 'लिटरेरिया 2021' का आयोजन किया था। जिसमें देशभर से 50 से अधिक साहित्यकारों ने भाग लिया था। इस आयोजन की आपार सफलता के कारण 18-20 नवंबर 2022 को एक बार फिर कोलकाता में हिंदी साहित्य के परिदृश्य 'लिटरेरिया 2022' के सफल आयोजन की तैयारी की जा रही है, जिसकी तैयारियां जोरों पर है।

श्री यतीश कुमार ने इस आयोजन के दूसरे संस्करण में यह सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास कर रहे हैं कि इस आयोजन में देशभर के हिंदी कवि और साहित्यकारों के अलावा क्षेत्रीय साहित्यकारों को भी उचित स्थान मिले। कोलकाता की सुप्रसिद्ध साहित्यिक संस्था नीलांबर के तत्वावधान में तीन दिवसीय इस लिटफेस्ट में साहित्यकारों ने नवीनतम साहित्यिक प्रयासों को प्रस्तुत करेंगे। 18 नवंबर 2022 को इस कार्यक्रम का सफल उद्घाटन किया जाएगा। इस समारोह में नीलांबर 'सप्तपर्णी' की एक त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका का औपचारिक विमोचन किया जाएगा, जिसमें देशभर के हिंदी साहित्य के दिग्गज कवि, साहित्यकार और लेखक शामिल होंगे।

“इस खास मौके पर विभिन्न साहित्यिक-सामाजिक संगठनों से सक्रिय रूप से जुड़े यतीश कुमार ने कहा, अब समाज में एक नया हिंदी साहित्यिक का इको-सिस्टम बन रहा है। अगर इसपर ध्यान आकर्षित किया जाए तो हम पाएंगे कि हाल के वर्षों में हिंदी साहित्य का परिदृश्य इस देश के विभिन्न इलाकों और छोटे शहरों में काफी बढ़ा है और विभिन्न जगहों से आने वाले युवा कवियों और लेखकों का अवदान काफी उत्साहपूर्ण रहा है। विभिन्न साहित्यिक कार्यक्रम उनके कार्यों को उजागर करने के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान कर रहे हैं, इनके नए विचारों ने नई पीढ़ी के दृष्टिकोणों को काफी प्रभावित और समृद्ध किया है।

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