मिलिए गीतकार डॉ. सागर से जिन्होंने महारानी - 2 के लिए लिखें हैं शानदार गीत
अपनी लेखनी के लिए प्रसिद्ध डॉ. सागर को पूरी तरह पता है कि कैसे अपने भाव और दिल की बात को शब्दों में उतारें।
संगीत की मधुरता को बढ़ाने में गीत के शब्दों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी भी गीत को तैयार करने में उनका बड़ा ही अहम रोल होता है। और गीतों को ऐसे बोल देने वाले एक महान गीतकार, जिनके पास अच्छे और बड़े ही उम्दा गीतों का ख़ज़ाना है, वो और कोई नहीं बल्कि जेएनयू के अपने ही प्यारे गीतकार डॉ. सागर हैं जिनमें साहिर लुधियानवी और शैलेंद्र का रंग दिखाई देता है।
अपनी लेखनी के लिए प्रसिद्ध डॉ. सागर को पूरी तरह पता है कि कैसे अपने भाव और दिल की बात को शब्दों में उतारें। वो उभरते हुए हर नए गीतकार, जो अपने जुनून और सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ना चाहते हैं, के लिए एक प्रेरणा हैं।
डॉ. सागर ने जेएनयू से अपनी पीएच. डी की है। वो अपने बचपन के दिन उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले के एक गांव ककरी में बिताए हैं। ज़िंदगी के शुरुआती दौर में उनको कठिन संघर्ष करने पड़े थे। इस तरह उनका बचपन ग़रीबी और मुश्किलों में बीता। सागर जब बॉलीवुड में आए तो सबसे पहले एक उभरते हुए संगीतकार विपिन पटवा के साथ काम करना शुरू किया।
वर्ष 2017 में डॉ. सागर का नाम बीबीसी और द लल्लन टॉप के टॉप टेन गीतकारों की लिस्ट में शामिल किया गया था। इनको ये सफलता मिली थी 'तितली' नाम के गीत से जिसे स्वर दिया था पपोन ने।